Success Story : दिव्यन ने CAPF में पहले प्रयास में पाई सफलता, 5 घंटे की सेल्फ स्टडी से मिलeकामयाबी

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


मोहित शर्मा/करौली. कहते हैं कि कुछ किए बिना जय जयकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. इसी बेहतरीन कोशिश से जय जयकार हो रही है आज करौली के बेटे दिव्यन सिंह चौहान की. जिसने महज 24 वर्ष की उम्र में अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के चलते, हाल ही में आए यूपीएससी ( CAPF ) के परिणाम में ऑल इंडिया में 118 वीं रैंक हासिल की है. दिव्यन की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उसने घर पर ही 5 घंटे की नियमित पढ़ाई से पहले प्रयास में ही कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षा कही जाने वाली यूपीएससी ( CAPF ) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर सफलता पाई है.

दिव्यन सिंह चौहान का परिचय
यूपीएससी ( CAPF ) 2021 के परिणाम में पहले प्रयास में 118 वीं रैंक हासिल करने वाले 24 वर्षीय दिव्यन सिंह चौहान करौली के तीन बड़ चौराहे की निवासी है. उनके पिता राजेंद्र सिंह चौहान शिक्षा विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी पद पर कार्यरत है. और उनकी मां ज्योति कंवर ग्रहणी हैं.

ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर में सोचा था CAPF में जाने का सपना
दिव्यन का कहना है कि मैंने अपनी ग्रेजुएशन इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में 2020 में पूरी की थी. ग्रेजुएशन की थर्ड ईयर के टाइम में ही मैंने यूपीएससी ( CAPF ) में जाने का मूड बना लिया था. जिसके बाद मैंने इस एग्जाम के बारे में समझा और टॉपर्स की वीडियो देखने के बाद लास्ट ईयर में ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी. उनका कहना है कि 2020 में ग्रेजुएशन कंप्लीट करके 2021 में पहला एग्जाम दिया था.

एग्जाम क्लियर होने के बाद इसका इंटरव्यू 2022 में होने वाला था. लेकिन वह इंटरव्यू कानूनी विवाद के चलते आगे बढ़कर 2023 में हुआ. जिसका अब रिजल्ट आने के बाद मुझे असिस्टेंट कमांडेंट की पोस्ट मिली है.

घर पर रहकर ही की थी तैयारी
दिव्यन के मुताबिक उन्होंने अपनी इस एग्जाम की तैयारी घर पर रहकर बिना किसी कोचिंग के स्टैंडर्ड बुक के माध्यम से की थी. वह बताते हैं कि एग्जाम की तैयारी के वक्त में नियमित 5-6 घंटे की पढ़ाई में टॉपर्स की वीडियो भी देखता था. टॉपर्स की वीडियो देखने से भी मुझे बहुत मदद मिली. तैयारी के इस सफर में मेरे माता-पिता का भी मुझे काफी सपोर्ट रहा है.

यूपीएससी ( CAPF ) एग्जाम की तैयारी कर रहें युवाओं के लिए दिव्यन का कहना है कि अपना एक दृढ़ विश्वास रखें. लंबा सफर होने के कारण इस एग्जाम के लिए धैर्य रखना भी जरूरी है. मेरा तो सभी से यही कहना है कि CAPF एग्जाम में पोस्ट कम लेकिन कंपटीशन ज्यादा होने के कारण हर उम्मीदवार को स्मार्ट वर्क करना चाहिए वहीं टॉपर्स को भी फॉलो करके भी आप इस कठिन एग्जाम को अच्छे से समझ सकते हैं.

.

FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 14:47 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें