
पीयूष शर्मा/मुरादाबाद. बदलावों से गुजरती जिंदगी कई बीमारियां बढ़ने का सबब बन रही है. दिमाग में गांठ यानी ब्रेन ट्यूमर की बीमारी ने भी अपनी रफ्तार बढ़ाई है. मुरादाबाद में ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित मरीज डेढ़ गुना बढ़ गए हैं. चिकित्सक अब कई कारणों को ब्रेन ट्यूमर के मामले ज्यादा बढ़ने से जोड़कर देख रहे हैं. डॉक्टर का कहना है कि जेनेटिक पर्यावरण में बदलाव, मिलावट, एल्कोहल, स्मोकिंग छाती और लीवर के ट्यूमर आगे चलकर दिमाग में शिफ्ट होना ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख कारण बन रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक किसी मरीज में एक बार ब्रेन ट्यूमर के लक्षण सामने आने पर उसका आगे की जांचों के लिए मौजूद होना बहुत जरूरी है.
न्यूरो सर्जरी के क्षेत्र से जुड़े डॉ आदित्य गुप्ता ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के सही और कारागार इलाज के दृष्टिकोण से किसी भी लक्षण को अनदेखा नहीं करने की सलाह मरीजों को दी जा रही है. इसके साथ ही ब्रेन ट्यूमर के मामले बढ़ने के बावजूद सरकारी अस्पताल में उसका इलाज नहीं हो रहा है. न्यूरो सर्जन की अनुपलब्धता इसकी वजह बन कर सामने आई है. ब्रेन ट्यूमर के मरीजों को मेरठ मेडिकल कॉलेज एम्स सफदरगंज हायर सेंटर रेफर कर रहे हैं. इसके साथ ही मुरादाबाद में 8 साल पहले प्रतिमाह ब्रेन ट्यूमर के करीब 60 मामले सामने आते थे. जो अब बढ़कर 90 तक पहुंच गए हैं.
सिरदर्द को न करें नजरअंदाज
हालांकि चिकित्सकों का मानना है कि पहले की तुलना में अब लोगों में इस बीमारी की जांच और इलाज को लेकर जागरूकता का बढ़ाना भी मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह बन रही है. अब लोग लंबे समय से सर में दर्द को नजरअंदाज भी कम कर रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 15:46 IST








