
जगबीर घनघस/भिवानी: महंगाई के इस दौर में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं. दाल-सब्जियों से लेकर हर वस्तु के दाम बढ़ रहे हैं. दूध, दही के दाम भी बढ़े हैं. बाजार में 1 किलो दूध की कीमत लगभग 60 रुपये के पार है. गांव में भी दूध के दाम 50 से 60 रुपये प्रति किलो हैं, लेकिन इस महंगाई के दौर में अगर कोई आपको फ्री में दूध और लस्सी दे तो आप क्या कहेंगे?
जी हां, बात यहां किसी लंगर या भंडारे की नहीं हो रही और न ही किसी संस्था की पहल की हो रही है. बल्कि हरियाणा में एक गांव ऐसा है, जहां दूध और लस्सी मुफ्त मिलती है.
भिवानी के नाथुवास में भले ही 750 घर हैं, लेकिन हर घर में 2 से 3 गाय और भैंसे हैं. बावजूद इसके इस गांव का एक भी शख़्स कभी दूध नहीं बेचता. ज़रूरत पड़ने पर पड़ोसी को दूध फ्री में दे दिया जाता है, पर किसी को बेचा नहीं जाता. ग्रामीणों का मानना है कि अगर वे दूध या लस्सी बेचेंगे तो उनके साथ अनहोनी हो जाएगी.
नाथुवास गांव इसलिए मुफ्त मिलता है दूध
ग्रामीण बताते हैं की 150 साल पहले गांव में भयंकर महामारी आ गई थी. एक के बाद एक पशु काल के ग्रास में समाने लगे थे. उस दौरान गांव के एक महंत फूलपुरी ने जिंदा बचे पशुओं को एक पेड़ से बांधकर कहा की आज के बाद गांव में दूध नहीं बेचा जाएगा. ग्रामीणों ने महंत के कहे अनुसार दूध बेचना बंद कर दिया. धीरे-धीरे सब ठीक होने लगा. हालांकि, ग्रामीण बताते हैं कि उसके बाद जब-जब गांव में किसी ने दूध बेचने की कोशिश की तो उन लोगों के साथ कोई न कोई अनहोनी या फिर जान-माल की हानि हो गई.
150 साल पुरानी परंपरा के हैं कई फ़ायदे
अब इसे आस्था माने या अंधविश्वास पर ग्रामीण बताते हैं की गांव के पशुओं में दशकों से कोई महामारी नहीं आई. वहीं इस परंपरा का एक फायदा यह भी है की जब भी गांव में कोई शादी समारोह या आयोजन होता है तो गांव में मुफ्त में दूध मिल जाता है. तीसरा फ़ायदा यह है कि दूध न बेचे जाने पर गांव के बच्चों को पीने के लिए दूध पर्याप्त मात्रा में मिलता है, जो इस गांव के बच्चों की सेहत को सुधारता है.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 16:04 IST








