
विनय अग्निहोत्री/भोपाल: सोशल मीडिया के जरिए देशभर में अपनी पहचान बनाने वाली लोक गायिका मैथिली ठाकुर आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. मैथिली अपनी प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर देती हैं. ऐसी ही प्रस्तुति मैथिली ने भोपाल में शुक्रवार को रविन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी में दी.
भोपाल के एक होटल में उन्होंने Local-18 से बातचीत में कहा कि आज मैं अपनी मातृभाषा मैथिली में लोक गीत गाती हूं. इससे मेरे संस्कार छलकते हैं. मैंने अपने दादाजी से राम सीता विवाह के अलग-अलग गाने सीखे हैं. मेरी जिंदगी में मेरे दादाजी का बहुत बड़ा योगदान है और मेरे वही आइडियल हैं. जो भी आज मैं गा रही हूं, उसमें मेरे दो छोटे भाई ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर हारमोनियम और तबला बजाकर साथ दें रहे हैं.
मैथिली अपने स्कूल के बारे में बताती हैं कि मैंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल से की. उसके बाद मैंने भारती कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट किया. वहां मैंने बीए प्रोग्राम विथ पॉलीटिकल साइंस और संगीत के साथ पढ़ाई को पूरा किया.
लंबी है फैन लिस्ट
बता दें कि मूल रूप से बिहार के मधुबनी से ताल्लुक रखने वाली मैथिली बचपन से ही लोक गीत गाती हैं. उन्होंने अपने दादा से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा ली है. उनके दादा गांव में ही भजन-कीर्तन किया करते थे. मैथिली सारेगामा, राइजिंग स्टार समेत कई रियलिटी शो में भी हिस्सा ले चुकी हैं. 2017 में राइजिंग स्टार में भाग लेने के बाद मैथिली घर-घर में लोकप्रिय हो गईं. वह शो की पहली फाइनलिस्ट थी. हालांकि, वह दो वोटों से इस शो का खिताब पाने से चूक गईं थीं. बता दें कि लोक गीत के माध्यम से लोगों के दिलों पर राज करने वाली मैथिली की फैन फॉलोइंग बहुत अच्छी है.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 21:53 IST








