
गुलशन सिंह/बक्सर. भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास उतना वक्त नहीं है कि अपने आस-पास के वन्य जीवों के बारे में कुछ सोच सके और उनकी देखभाल कर सके. भीषण गर्मी में जहां तमाम जीव-जंतु भोजन और पानी के लिए परेशान हैं तो वहीं बक्सर के एक शख्स ने भूख प्यास से व्याकुल बंदरों को भोजन कराने का मुहिम छेड़ रखा है.
इस शख्स का नाम राजन तिवारी है जो आयुर्वेदिक दवाओं के विक्रेता है. राजन का मानना है कि आधुनिकता के दौर में तेजी से जंगलों की कटाई की जा रही है. जिससे जंगली जीवों का आशियाना छीन रहा है. ऐसे में बंदरों के सामने भी रहने खाने की दिक्कत आई है. नतीजतन भोजन की तलाश में बंदर गांव तथा शहरों में घुस गए हैं. लोग इन्हें भगाना भी चाह रहे हैं.
समाज के प्रबुद्ध लोग मुहिम में हुए शामिल
राजन तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच बंदर भोजन और पानी के लिए तरस रहे हैं. उन्होंने बताया कि एक दिन जब हनुमान मंदिर पूजा करने गए हुए थे तो देखा कि कुछ बंदर भोजन के आभाव में अंडा का छिलका खा रहे थे. जिसे देखकर बहुत दुख हुआ. चूंकि हिन्दू धर्म में बंदर को हनुमान जी का वंशज माना जाता है. यह संकल्प लिया कि इन बंदरों को भोजन कराया जाएगा.
राजन ने बताया कि शुरुआत उन्होंने ‘हर शनिवार हनुमान जी के द्वार’ स्लोगन के साथ की. इसके तहत प्रत्येक शनिवार बंदरों के झुंड को भींगा हुआ चना, गुड़, केला इत्यादि खिलाते हैं. वहीं अब इस नेक काम में समाज के कई प्रबुद्ध जनों का भी साथ मिलने लगा है. इससे मुहिम को बल मिल रहा है. अभी तक साप्ताहिक मुहिम चल रहा था, लेकिन अब प्रतिदिन इसे चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. जयप्रकाश, डॉ. एडी उपाध्याय, नवीन पान्डेय, आदित्य तिवारी, समाजसेवी गुड्डू तिवारी सहित तमाम लोग समय निकालकर बेजुबानों को भोजन कराने की मुहिम में शामिल हो रहे हैं.
मन की शांति के लिए बंदरों को कराते हैं भोजन
राजन तिवारी ने बताया कि लोग इन बंदरों की पीड़ा नहीं समझते हैं कि ये सभी बंदर भूखे हैं. उन्होंने बताया कि किसी प्रचार-प्रसार के लिए कार्य नहीं करता बल्कि सेवा भाव से इन बंदरों को भोजन कराते हैं. इन्हें भोजन कराने से मन को सन्तुष्टि और शांति मिलती है. उन्होंने बताया कि अभी इस अभियान को शुरू किए हुए तकरीबन डेढ़ माह हुआ है. धीरे-धीरे इस मुहिम में लोगों का साथ मिलते जा रहा है. अब जिले के अन्य हिस्सों में रहने वाले बंदरों को भी नियमित भोजन कराने की योजना है.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 18:09 IST








