1995 में क्या सुपरस्टार नहीं थीं माधुरी? संजय कपूर की बातों से हुआ सस्पेंस! बताया-अगर स्टार वाला रवैया होता तो

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नई दिल्ली. संजय कपूर (Sanjay Kapoor) ने हाल ही में माधुरी दीक्षित के साथ काम करने को याद किया. एक्टर के मुताबिक, माधुरी के साथ काम करना उनके लिए आसान है. माधुरी हमेशा शूटिंग सेट पर उनके लिए सहज रही है. 28 साल बाद एक संजय कपूर ने जिस किस्से खुलासा किया है वह बेहद दिलचस्प है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिल्म ‘राजा’ साल 1995 में आई थी. फिल्म अपनी कहानी से ज्यादा गानों को लेकर सुर्खियों में रहा. इस फिल्म से जुड़े एक शॉर्ट को याद करते हुए संजय ने बताया कि कैसे उन्होंने माधुरी संग पहला शॉर्ट दिया था. वह शॉर्ट फिल्म के पॉपुलर गाने ‘जरा फिर से कहना’ से जुड़ा हुआ है.

 तब माधुरी सुपरस्टार नहीं थीं: संजय कपूर
संजय कपूर के अनुसार, जब राजा फिल्म बन रही थी तब माधुरी सुपरस्टार नहीं थीं, लेकिन उनके साथ काम करना आसान था. हालांकि बाद में उन्होंने उनके साथ ‘मोहब्बत’ और ‘द फेम गेम’ में काम किया, लेकिन वह वैसी ही रहीं. संजय ने आगे इंटरव्यू में माधुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास उनके साथ काम करने के अलावा और कुछ नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि प्रमोशन, इंटरव्यू और रियलिटी शो में उनके काम को गौर करें तो वह वह हमेशा मस्ती के मूड में रहती हैं. वह भले ही अब वह सुपरस्टार बन गई हैं, लेकिन वह काफी जमीन से जुड़ी हैं.

माधुरी के 11 साल बाद किया डेब्यू
माधुरी दीक्षित की पहली फिल्म थी अबोध (1984) जो राजश्री प्रोडक्शन की थी. इस फिल्म के बाद माधुरी ने दिल (1990), अंजाम (1994), तेजाब (1988), मृत्युदंड: द डेथ सेंटेंस (1997), साजन (1991),  बेटा (1992),  खलनायक (1993) और हम आपके हैं कौन…! (1994) जैसी सुपरहिट फिल्में दे चुकी थी. जबकि संजय कपूर ने माधुरी के बॉलीवुड डेब्यू के 11 साल बाद 1995 में आई फिल्म ‘प्रेम’ से बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. ऐसे माधुरी ने संजय के काम किया तो वह पहले से सुपरस्टार थी, जबकि अपने हालिया इंटरव्यू में संजय कपूर ने कहा कि वह राजा फिल्म की शूटिंग के वक्त सुपरस्टार नहीं थी..

माधुरी दीक्षित की तारीफें

बातचीत में जब संजय कपूर से उनकी बेटी शनाया के बारे में सवाल किया किया कि यंग एक्टर्स को माधुरी से क्या सीखना चाहिए. संजय ने कहा कि जहां तक ​​माधुरी के काम की बात है, वह बहुत फोकस्ड हैं. हालांकि, जब कैमरा बंद होता है, तो वह सभी के साथ सुपर फ्रेंडली होती है. अभिनेता ने याद किया कि ‘द फेम गेम’ के दौरान, शॉट के बाद उन्होंने कभी भी उन्हें अपनी वैन की ओर भागते हुए या किताब के साथ एक कोने में बैठे हुए नहीं देखा था.

उनका कहना है कि हर किसी का अपना व्यक्तित्व होता है, हर किसी को शामिल होने का एहसास कराना, खासकर अगर आप इतने बड़े स्टार हैं, तो यह अद्भुत है. संयज ने यह भी कहा कि अगर उनका वह स्टार वाला रवैया होता, तो काम पर इसका जरूर असर पड़ता. आगे उन्होंने सभी यंग एक्ट्रेस को उनसे यह सीखने की सलाह देने की बातें कही.

Tags: Bollywood, Entertainment, Entertainment news., Madhuri dixit

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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