
हाइलाइट्स
CRPF और (BSF के जवान अब भारतीय धुनों पर परेड करेंगे.
उपनिवेशवाद के अवशेषों को दूर करने के लिए 25 साल का रोडमैप.
बैगपाइप, स्कॉटिश किल्ट्स और बिगुल को हटाने का फैसला.
नई दिल्ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान जल्द ही औपनिवेशिक काल से चली आ रही धुनों के बजाय भारतीय धुनों पर परेड करते नजर आने वाले हैं. देश के दो सबसे बड़े अर्धसैनिक बलों ने इसके साथ ही अगले 25 साल के लिए रोडमैप बनाया है. जिसके तहत उपनिवेशवाद के सभी अवशेषों को धीरे-धीरे दूर करने का फैसला लिया गया है. इसके एक हिस्से के रूप में बैगपाइप, स्कॉटिश किल्ट्स और बिगुल को हटाने का फैसला किया गया है. साथ ही अर्दली के रूप में सुरक्षा सहायकों की नियुक्ति को खत्म करने का भी फैसला लिया गया है.
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीआरपीएफ और बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान घोषित ‘पंच प्राण’ के विचार के हिसाब से सुरक्षा बलों में बदलाव करने के लिए उनके कुछ कामों और परंपराओं में बदलाव लाए जा रहे हैं. दोनों बलों ने अगले एक, तीन, पांच, 15 और 25 साल के लिए निर्धारित लक्ष्यों के साथ योजनाएं तैयार की हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने गुलामी और औपनिवेशिक मानसिकता के निशान को हटाने की योजना बनाने का निर्णय लिया है.
सीआरपीएफ और बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि भारतीय वर्दी के साथ मार्चिंग बैंड के दौरान पहने जाने वाले स्कॉटिश किल्ट्स को बदला जाएगा. सीआरपीएफ एक साल में इस बदलाव को लागू करेगी, जबकि बीएसएफ ने ऐसा करने के लिए 10 साल का लक्ष्य रखा है. सीआरपीएफ ने अगले 25 साल में सभी वस्तुओं, उपकरणों और वाहनों को मेक-इन-इंडिया उत्पादों से बदलने का फैसला किया है. बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि बल ने घरेलू कार्यों में मदद के लिए सुरक्षा सहायकों को लेने की प्रथा को अगले साल खत्म करने का फैसला किया है. सुरक्षा बलों में अगले तीन साल में शारीरिक श्रम को कम करने के लिए रोबोट लाने का फैसला भी किया गया है.
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Tags: BSF, CRPF, Pm narendra modi
FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 06:28 IST









