
परमजीत कुमार/देवघर. आसाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाया जाएगा. इस साल 11 जून को यह पर्व मनाया जाएगा . इस दिन उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखकर माता शीतला की पूजा अर्चना की जाती है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार चैत्र, वैशाख, जेष्ठ और आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतला अष्टमी पूजन करने की मान्यता है. इन चारों महीने में अष्टमी तिथि को व्रत रखकर पूजा अर्चना करने से चेचक आदि से छुटकारा मिलती है.
बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुदगल ने न्यूज18 लोकल को बताया कि आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को व्रत रख कर शीतला अष्टमी की पूजा की जाती है. इससे उत्तम सेहत का आर्शीवाद मिलता है. चेचक, छोटी माता आदि जैसी बीमारीयां नहीं होती है. वह सेहतमंद रहता है. इस व्रत में बासी भोजन या पकवनों का भोग लगाने की मान्यता है.
कब रखें शीतला अष्टमी का व्रत
10 जून को दोपहर 3:00 बजे से आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत हो रही है और अगले दिन 11 जून को दोपहर 1 बजकर 05 मिनट मे अष्टमी का समापन हो रहा है. उदयातिथि के अनुसार 11 जून को माता शीतला की पूजा अर्चना की जाएगी. अष्टमी तिथि को कालाष्टमी भी मनायी जाएगी. इसमें काल भैरव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है. इसलिए 10 जून को कालाअष्टमी का पर्व मनाया गया. लेकिन उदयातिथि को मानते हुए 11 जून को माता शीतला का व्रत रखकर पूजा अर्चना की जाएगी.
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FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 21:31 IST








