जहां रखे थे ओडिशा ट्रेन हादसे के शव, उस स्कूल के हिस्से को ढहाया गया, यहां आने से डर रहे थे बच्चे-टीचर

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हाइलाइट्स

स्कूल में करीब 650 बच्चे, अब होगी पूजा पाठ ताकि डर को कर सकें दूर
जिला प्रशासन ने दौरा कर दिया तोड़ने का आदेश, तीन महीने का लगेगा समय

बालासोर. ओडिशा के बालासोर में 2 जून को हुए भीषण ट्रेन हादसे में 188 लोगों की मौत हुई थी. इस ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के शवों को बालासोर के एक स्कूल में अस्थाई मुर्दाघर बनाकर रखा गया, लेकिन स्कूल को अस्थाई मुर्दाघर बनाए जाने से छात्र और उनके परिजन नाराज हैं और उन्होंने इस स्कूल में जाने से मना कर दिया. स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चे और टीचर्स यहां आने से डर रहे थे. कलेक्टर ने स्कूल का दौरा किया और इसके बाद भवन को गिराकर फिर से नया भवन बनाने का निर्णय लिया गया है.

यह स्कूल बालासोर जिले के बहनागा गांव में है. ट्रेन हादसे के बाद शवों को घटनास्थल से 500 मीटर दूर बहानगा हाईस्कूल में रखा गया था. स्कूल में शवों को रखे जाने से छात्रों ने यहां आने से इनकार कर दिया है. इसके बाद शुक्रवार को ओडिशा सरकार ने ऐलान किया कि बहनागा स्कूल को तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा.

जिला प्रशासन ने दौरा कर दिया तोड़ने का आदेश
जिला प्रशासन ने स्कूल का दौरा किया. बालासोर के जिला कलेक्टर दत्तात्रय भाऊसाहेब शिंदे ने कहा- मैंने स्कूल मैनेजमेंट के सदस्यों, प्रिंसिपल और स्थानीय लोगों से मुलाकात की है. वे पुरानी इमारत को गिराना चाहते हैं ताकि बच्चों को कोई डर न हो. हालांकि फिलहाल सांकेतिक रूप से स्कूल को गिराया जा रहा है, इसी पूरी तरह से ध्वस्त करने में दो-तीन महीने लगेंगे.

स्कूल में करीब 650 बच्चे, अब होगी पूजा पाठ ताकि डर को कर सकें दूर
स्कूल की प्रिंसिपल के अनुसार स्कूल को अस्थाई मुर्दाघर के रूप में प्रयोग किए जाने, उसमें शवों को रखे जाने के बाद वहां बच्चे आने से इनकार कर रहे हैं. स्कूल में करीब 650 बच्चे पढ़ते हैं. स्कूल स्टाफ के अनुसार पुराने भवन की जगह नया भवन बनाने का फैसला हुआ है. नया भवन बनने के बाद स्कूल ने आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित करने और कुछ पूजा-पाठ करने की योजना बनाई है, ताकि उनके भीतर से डर को दूर किया जा सके.

Tags: Odisha news, Odisha Train Accident, School

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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