झारखंड में बालू पर फिर से बवाल ! 10 जून से घाटों के खनन पर लगी रोक, जानें पूरा मामला

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हाइलाइट्स

झारखंड में बालू के खनन पर रोक एनजीटी ने लगाई है.
राज्य के 608 बालू घाटों में से सिर्फ 17 घाटों ही वैध तरीके से बालू का उठाव हो रहा है.
एनजीटी की रोक के बाद फिर से ऐसी स्थिति बनने की आशंका हो गई है.

रांची. मॉनसून के आगमन के पूर्व झारखंड में बालू घाटों और नदियों से बालू उठाव पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. एनजीटी के आदेश के बाद 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू का उठाव नहीं किया जाना है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा है कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने बालू उत्खनन गाइडलाइन 2016 में खनन के लिए कुछ प्रावधान तय कर रखा है. इसके मुताबिक बरसात के मौसम में नदी क्षेत्र से बालू नहीं निकाला जा सकता.

झारखंड में सफेद बालू का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है. 18 हजार का बालू 28 हजार रुपये में बिक रहा है. बेहद हैरान करने वाली बात है कि राज्य के 608 बालू घाटों में से सिर्फ 17 घाटों से ही वैध तरीके से बालू का उठाव हो रहा है, इसलिए प्रेदश में ऐसी स्थिति बनी है. मिली जानकारी के अनुसार अब 10 जून से फिर बालू खनन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक लगाएगी. इससे फिर बालू को लेकर बवाल होना तय माना जाना रहा है.

ऐस में लोगों को मुंह मांगी कीमत पर बालू खरीदना होगा. पिछले साल भी किल्लत होने पर बिहार-बंगाल से बालू मंगाना पड़ा था. तब 18 हजार रुपये वाला बालू 48 हजार में बिका था. बता दें कि, बालू घाटों की बंदोबस्ती से पहले सभी जिलों का डिस्ट्रिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) तैयार करना जरूरी था. इस रिपोर्ट को इनवायरमेंट ईपैक्ट असेस्मेंट कमेटी (सिया) को भेजना था, ताकि पर्यावरण स्वीकृति ली जा सके. पर्यावरण स्वीकृति के बाद ही किसी भी घाट का टेंडर किया जा सकता है.

आपके शहर से (रांची)

Tags: Jharkhand news, Ranchi news, Sand Mining

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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