पृथ्वी पर जीवन के खुलेंगे राज, चट्टान के नीचे मिला 1.6 अरब साल पुराना संसार

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हाइलाइट्स

पृथ्वी पर जीवन के इतिहास की जानकारी पुरातन सूक्ष्मजीवों के अवशेषों से मिल सकती है.
यूकारयोट्स सूक्ष्मजीवी बहुत से जानवरों, पौधों और एकलकोशिकीय जीवों के पूर्वज थे.
नई खोज के मुताबिक यूकारयोट्स पिछले अनुमान से 60 करोड़ साल पहले भी अस्तित्व में थे.

पृथ्वी पर प्राणियों के विकास की कहानी पता लगाने में सबसे बड़ी समस्या शुरुआती जीवन के जीवों के अवशेषो या जीवाश्म का ना मिल पाना है. हड्डियां तो जहां करोड़ों सालों तक जीवाश्म में संरक्षित रह जाती हैं. लेकिन सूक्ष्मजीवों के अवशेष बिरले ही कहीं कैद हो कर संरक्षित रह पाते हैं. लेकिन वैज्ञानिको ने ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसे छिपे संसार की खोज की है जो पृथ्वी पर जीवन के विकास की शुरुआती कहानी में काफी कुछ जोड़ सकेगी. खोजे गए पुरातन जीव 1.6 अरब साल पहले पानी के अंदरअस्तित्व में हुआ करते थे जो उस दौर में काफी देर बाद दुनिया में आए थे.

खास तरहके सूक्ष्मजीवी मिले
प्रोटोस्टेरोल बायोटा एक सूक्ष्मजीवी हैं जो यूकारयोट्स परिवार के जीव होते हैं. इनकी बहुत ही जटिल संचरना होती है जिसमें माइटोकॉन्ड्रिया औ एक न्यूक्लियस या केंद्रक होता है.माइटोकॉन्ड्रिया को जहां कोशिका का पॉवरहाउस कहा जाता है वहीं केंद्रक कोशिका के नियंत्रण कक्ष और जानकारी केंद्र की तरह काम करता है.

यूकारयोटिक जीवन का आरंभ
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी का यह अध्ययन नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है. इसमें बताया गया है कि यूकारयोटिक जीवन हमारे ग्रह में देर से आया था जो कि हैरानी की बात लगती है. शोधकर्ताओं के मुताबिक ये पृथ्वी के पहले शिकारी जीव रहे होंगे. शोधकर्ताओं को मिले अवशेष प्रोटेरोजोइक कल्प के हैं. यह पृथ्वी पर जटिल जीवन के विकास का अहम दौर था, लेकिन यह कई रहस्य समेटे हैं क्योंकि इस दौर के सूक्ष्मजीवों के जीवाश्म अभी तक अच्छे से नहीं मिले हैं.

अभी क्या थी जानकारी
दिलचस्प बात यह है कि यूकारयोट्स पृथ्वी पर आ भी फफूंद, पौधों, जानवरों और अमीबा जैसे एकल कोशिकीय जीवों के रूप में देखने को मिल जाते हैं. इनके और अन्य सभी केंद्रक जीवों की पूर्वज लास्ट यूकारयोटक कॉमन एन्सेस्टर (एलईसीए) के रूप में 1.2 अरब साल पहले होते थे ऐसा पाया गया था.

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अब यह बात सिद्ध हो जाएगी कि लंबे समय से यूकारयोट्स ने ही महासागरों में अपना वर्चस्व कायम किया हुआ था जो आज भी दुनिया पर राज कर रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

लेकिन उससे भी पहले
नए ध्ययन में शामिल डॉ बेनजामिन नेटरशीम ने एक बयान में बताया कि पुरानीचट्टानों में प्रोटोस्टेरोल बायोटा के आणविक अवशेष की पहचान हुई है जो 1.6 अरब साल पुराने हैं. हम हमारी वंशावली में अब तक के सबसे पूराने अवशेष हैं और ये एसईसीए के पहले भी रहा करते थे जो समुद्री जीवन में बहुतायत में हुआ करते थे और संभवतः उन्होंने पृथ्वी के इतिहास में पारिस्थितिकी तंत्र को आकार भी दिया होगा.

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एक बड़ा सवाल
नए पाए गए जीवाश्म स्टेरॉइड के मूल रूप के जीवाश्म थे. ये एक मोटा अणु होता जो यूकारयोट्स कहलाने वाले आज के सर्व व्यापी जीवों के समूह के प्रमुख सदस्यों की कोशिका परत की प्रमुख अवयव हुआ करते थे. वे बिना केंद्रक वाले एकल कोशिकीय जीव बैक्टीरिया बहुल युग में भी हुआ करते थे. आज के यूकारयोट्स बहुत ही शक्तिशाली हैं. लेकिन वे तब हावी क्यों नहीं थे.

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नई खोज से शुरूआती जीवन के उद्भव की कहानी में बदलाव आ जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

क्या है नई धारणा
माना जाता था कि यूकारयोट्स ने एक अरब साल पहले पृथ्वी के पुराने महासागरों पर कब्जा कर लिया होगा. वैज्ञानिक इसी के प्रमाण खोज रहे थे कि उन्होंने ऐसा कैसे किया था. इस अध्ययन में यह मत प्रस्तावित किया गया है कि प्रोटोस्टेरोल बायोटा वास्तव में अपने युग में बहुत ही ज्यादा मात्रा में रहा करते थे.

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शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके अब तक प्रमाण ही नहीं मिल रहे थे.  उनका गायब होने स 80 करोड़ साल पहले दुनिया में आधुनिक यूकारयोटिक स्वरूप के जीव फैलने लगे. वहीं परीष्कृत यूकारयोटिक प्रजाति, यानि इंसान तीन लाख साल पहले पनपना शुरू हुए. लेकिन वैज्ञानिक आणविक जीवाश्म की अनुपस्थिति में लंबे समय से पुराने यूकारयोट्स के उपस्थिति को लेकर भ्रमित थे.

Tags: Animals, Earth, Environment, Life, Research

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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