हाइलाइट्स
कांग्रेस की पूरी कोशिश भाजपा सरकार को भ्रष्ट साबित करने के नैरिटिव पर टिकी
भाजपा का पलटवार- कांग्रेस के आरोप झूठे, जांच के बहाने सच सामने आ जाएगा
भोपाल. मध्यप्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता और शिवराज सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने आय से अधिक संपत्ति के मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. इससे पहले, उज्जैन के महाकाल लोक की तीन अलग-अलग जांचें शुरू हो चुकी हैं. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इन कार्रवाईयों ने शिवराज सरकार की दिक्कतें बढ़ा दी हैं. भाजपा बैकफुट पर है तो कांग्रेस हमलावर हो गई है.
कर्नाटक की तर्ज पर कांग्रेस मध्यप्रदेश में भी PayCm 40% कमीशन जैसे कैंपेन चलाकर शिवराज सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही थी. इसी बीच, महाकाल लोक में सप्तऋषियों की मूर्तियां गिर गई. और लोकायुक्त ने स्वत: संज्ञान लेकर शिवराज सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया. राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इन जांचों से कांग्रेस को बैठे बिठाए भ्रष्टाचार का मुद्दा मिल गया. कांग्रेस की पूरी कोशिश भाजपा सरकार को भ्रष्ट साबित करने के नैरिटिव की है. कांग्रेस सफल हो गई तो विधानसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान संभव है. हालांकि, भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का कहना है कि जांच का स्वागत हैं. मंत्री भूपेंद्र सिंह विधानसभा के पटल से लेकर चुनाव आयोग तक अपनी आय का ब्यौरा दे चुके हैं. इसलिए हमें जांच का कोई डर नहीं है. सलूजा ने कहा कि इस बहाने असलियत सामने आ जाएगी और कांग्रेस का झूठ सबके सामने उजागर हो जाएगा.
यह भी पढ़ें : Mp Chunav: कांग्रेस का कर्जमाफी वाला वादा होगा बेअसर! शिवराज सरकार किसान कल्याण महाकुंभ में देगी 6500 करोड़ की सौगात
व्यापमं, डंपर और ईटेंडरिंग घोटालों का मिला था फायदा
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत की एक बड़ी वजह व्यापमं, डंपर और ईटेंडरिंग जैसे घोटाले माने जाते हैं. तब कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल बनाने में सफल रही थी. यही कोशिश कांग्रेस इस बार भी करती दिख रही है. विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा बीते 18 साल से सत्ता में है. ऐसे में भ्रष्टाचार के मामले उठने से एंटी इन्कमबेंसी और मजबूत हो जाती है. और यही वजह है कि कांग्रेस को इसमें एज मिल रही है.
लोकायुक्त में कांग्रेस की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
कांग्रेस के सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पुनीत टंडन ने अप्रैल में लोकायुक्त को दस्तावेज सौंपकर जांच की मांग की थी. पीसीसी के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और पुनीत टंडन ने 30 मई को चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत शपथ पत्रों, एडीआर रिपोर्ट एवं खसरा अभिलेखों के आधार पर अनुपातहीन संपत्ति होने के आरोप भूपेंद्र सिंह पर पत्रकारवार्ता में लगाए थे. इसके बाद बुधवार को लोकायुक्त ने उनकी शिकायत पर पंजी क्रमांक 572/सी/2023-24, जांच क्रमांक 0035/ ई /2023-24 के तहत जांच पंजीबद्ध कर ली. विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त के पुलिस महानिदेशक, से आठ अगस्त तक रिपोर्ट भी मांगी है. वहीं, मंत्री भूपेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया.
महाकाल लोक की तीनों शिकायतों पर चल रही जांच सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित
उज्जैन महाकाल लोक के निर्माण में ठेकेदार को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए एसओआर की दरें और आइटम को बदलने का आरोप में अक्टूबर 22 में जांच शुरू हो चुकी हैं. इसमें चार आईएएस अफसरों समेत 15 अफसर व ठेकेदारों को नोटिस दिए गए हैं. दिसंबर 2022 में तराना के ही लक्षमण कुमार के शिकायत पर दूसरी जांच शुरू हुई और फिर अब सप्तऋषियों की मूर्तियों ढहने के मामले में तीसरी जांच आरंभ की गई है. इन तीनों ही जांचों के लिए लोकायुक्त ने उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड से टेंडर, वर्क आर्डर आदि के दस्तावेज मांगे हैं. यानी अभी तक किसी भी मामले में जांच अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंची है.
आपके शहर से (भोपाल)

Sehore Borewell Rescue Update: बोरवेल में गिरी सृष्टि की हुईं मौत | Srishti Kushwaha died | Breaking

गांव में आया भालू, ग्रामीणों ने दौड़ाया…तो कुएं में गिरा, फिर वन विभाग ने ऐसे निकाला

NIRF Ranking 2023: इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में शामिल हैं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के ये कॉलेज, देखें एनआईआरएफ रैंकिंग

सीहोर बोरबेल हादसा : 3 साल की सृष्टि हार गई जिंदगी की जंग, 52 घंटे बाद बाहर निकला शव

कोटा हादसा: पहले एक मजदूर 25 फीट गहरे सीवरेज में उतरा था, वापस नहीं लौटा तो 3 और लोग नीचे गए, लौटा सिर्फ एक

सरकारी रिकॉर्ड में मृत किसान दे रहा जिंदा होने का सबूत, दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते घिस गए जूते

नौकरी नहीं मिली तो नहीं हुई शादी, फिर युवक ने खोली ‘बैचलर चायवाला’ नाम से दुकान

Indore News: महिला लेक्चचर ने लेट आने से टोका, भड़की स्टूडेंट करने लगी मारपीट, थाने पहुंचा मामला

Pandokhar Sarkar Dham: 7 साल की उम्र में संभाली गद्दी, 1999 से लगा रहे दरबार, जानें कौन हैं पंडोखर सरकार?

MP Assembly Election : विधानसभा चुनाव से पहले ‘बहनों’ पर मेहरबान सरकार, अब बनेगी लाडली सेना
यह भी पढ़ें : मध्यप्रदेश चुनाव 2023: 32 साल की कथावाचक के सहारे भाजपा के हिंदुत्व का मुकाबला करेगी कांग्रेस, रणनीति तैयार
पर्दे के पीछे की कहानी
लोकायुक्त संगठन की कार्रवाईयों पर नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी बताते हैं कि उज्जैन में एक सरकारी जमीन को निजी किया जाना था. लोकायुक्त संगठन के आला अधिकारियों ने इसके लिए तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह के ऊपर काफी दबाव भी बनाया. यह काम नहीं हुआ तो फिर महाकाल लोक की गड़बड़ियों पर कार्रवाईयां होने लगी. इन कार्रवाईयों से शिवराज सरकार खफा हो गई है. इस बीच लोकायुक्त संगठन के एक बड़े पदाधिकारी का कार्यकाल इस साल खत्म होने जा रहा है. वह भी अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए कार्रवाईयों के जरिए सरकार पर दबाव बनाना चाह रहे हैं.
.
Tags: CM Shivraj Singh Chauhan, Madhya Pradesh government, MP BJP, MP Congress, MP News Today
FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 19:12 IST








