Army Land Case में ED की बड़ी कार्रवाई, बंगाल के 2 और कारोबारी गिरफ्तार, अब तक 10 धरे गए

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हाइलाइट्स

सेना भूमि घोटाला में अब तक 10 लोगों को ईडी ने गिरफ्तार किया है.
बंगाल के दो और बड़े कारोबारी भी मनी लॉंड्रिंग केस में गिरफ्तार हुए.

रांची. रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन और चेशायर होम रोड की एक एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. मनी लाॉड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने अब कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल व आसनसोल के कारोबारी दिलीप घोष और जगतबंधु टी स्टेट के निदेशक दिलीप घोष की गिरफ्तारी ईडी के द्वारा की गई है. बता दें कि इन गिरफ्तारियों के साथ ही अब जमीन से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.

निलंबित आइएएस अधिकारी छवि रंजन, बड़ागाईं अंचल का राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, प्रदीप बागची, जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान व मोहम्मद सद्दाम के बाद अब इस मामले में दिलीप घोष के साथ सत्ता के गलियारे के रसूख रखने वाले अमित अग्रवाल का नाम भी जुड़ गया है. ईडी की टीम दिलीप घोष और अमित अग्रवाल को डिटेन कर रांची लायी जिसके बाद रांची के ईडी दफ्तर में दोनों से पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार कर लिया.

बता दें कि अमित अग्रवाल और दिलीप घोष जगतबंधु टी इस्टेट कंपनी के संचालक हैं. कंपनी के संचालक दिलीप घोष ने जमीन के फर्जी रैयत प्रदीप बागची से सेना की कब्जे वाली जमीन की रजिस्ट्री कराई थी. इस जमीन के दस्तावेज की फॉरेंसिक जांच के बाद ईडी को कई साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर इस मामले मे ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. वहीं ईडी की जांच मे ये तथ्य भी सामने आए हैं कि सेना के कब्जे वाली उक्त जमीन की खरीद-बिक्री में प्रेम प्रकाश और अमित अग्रवाल मास्टरमाइंड है. दोनों ने रांची के तत्कालीन उपायुक्त निलंबित आइएएस अधिकारी छवि रंजन के सहयोग से यह फर्जीवाड़ा किया था.

आपके शहर से (रांची)

यहां यह भी बता दें कि प्रेम प्रकाश नेताओं व नौकरशाहों का करीबी है, जिसे ईडी ने पिछले वर्ष अवैध खनन मामले में गिरफ्तार किया था. तब से वो जेल में ही है. अमित अग्रवाल का कोलकाता के साथ झारखंड मे भी कारोबार फैला हुआ है. फर्जी रैयत प्रदीप बागची ने फर्जी दस्तावेज पर रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन का दो-दो होल्डिंग ले रखा था. जिसे लेकर ही वो अपनी दावेदारी दिखा उसने जगतबंधु टी इस्टेट के संचालक दिलीप घोष से उक्त जमीन की रजिस्ट्री की थी. अमित अग्रवाल ने सेना के कब्जे वाली उक्त जमीन को फर्जी तरीके से खरीदने में दिलीप घोष की मदद की थी. जमीन की रजिस्ट्री वर्ष 2021 में हुई थी. इस मामले को लेकर ही दिलीप घोष की भी गिरफ्तारी की गई है.

बता दें कि अधिवक्ताओं राजीव कुमार के मामले मे भी अमित अग्रवाल का नाम सामने आय था और उस मसले मे भी ईडी ने उसे गिरफ्तार किया था. जिसके बाद वो फिलहाल जमानत पर बाहर था. लेकिन, सेना की जमीन का जिन्न जैसे ही बाहर आया वैसे ही अमित अग्रवाल की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गईं थीं.

Tags: Jharkhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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