इंजीनियर बना रहा बर्तन…इनमें खाया-बनाया तो होंगे सेहतमंद! CM मनोहर भी हैं मुरीद

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प्रदीप धनखड़/झज्जर: भागदौड़ भरी जिंदगी में ने हमारी सेहत भी बिगाड़ कर रख दी है. आधुनिक जीवनशैली में हमारा खानपान बिगड़ गया है. नई-नई बीमारियां घेर रही हैं. कभी बिज़ी शेड्यूल का बहाना तो कभी स्वाद के लिए हम अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. खास तौर पर ज्यादातर घरों में एल्युमिनियम या फिर स्टील के बर्तनों में खाना पकता है.

जानकारों का कहना है कि इन बर्तनों के कई हानिकारक तत्व अनचाहे तरीके से हमारे भोजन के रास्ते शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. साथ ही खाने में मौजूद पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं. ऐसे में झज्जर के एक इंजीनियर ने ऐसा तरीका निकाला जो न सिर्फ लोगों की सेहत सुधार रहा है, बल्कि उनकी बचत भी करा रहा है.  नीरज झज्जर के डावला गांव के हैं. इंजीनियर की नौकरी छोड़ कर अब वह पारंपरिक तरीके से मिट्टी के बर्तन बनाते हैं.

‘मिट्टी, आप और मैं’
करीब 3 साल पहले जब नीरज ने देखा और परखा कि मार्केट में केमिकल लगे मिट्टी के बर्तन धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके बाद नीरज ने ‘मिट्टी, आप और मैं’ नाम से व्यवसाय शुरू किया. नीरज ने गांव के कुम्हारों का सहारा लिया और उनके साथ मिलकर मिट्टी के बर्तन बनाने शुरू किए. अब नीरज के यहां न सिर्फ घड़े बनाए जाते हैं, बल्कि सुराही के साथ-साथ मिट्टी के ऐसे बर्तन भी बनाए जाते हैं जिनमें आसानी से खाना और बनाया जाता है.

सीएम ने भी बर्तनों में खाया खाना
नीरज के यहां ‘झज्जर की झज्जरी’ नाम से मशहूर सुराही, मटके, पतीले, मटकी, बोतल, जग, कप, प्लेट, ढक्कन आदि मिट्टी के बर्तन बनाए जाते हैं. यही नहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी नीरज द्वारा बनाए गए इन बर्तनों के मुरीद हैं. पिछले दिनों नीरज द्वारा बनाए गए बर्तनों में पके और परोसे गए खाने का स्वाद सीएम मनोहर लाल ने भी चखा था और
खूब सराहना की थी.

केमिकल और डाई का इस्तेमाल नहीं
नीरज वैसे तो एक बीटेक इंजीनियर हैं, लेकिन 3 सालों से वह अपने गांव में रहकर ही काम कर रहे हैं. वह केमिकल और डाई मोल्ड के बिना पारंपरिक चाक से बर्तन बनाते हैं. बताते हैं कि बर्तन में खाना बनाने से मिट्टी के करीब 18 पोषक तत्व खाने के अंदर खुल जाते हैं और हमारे शरीर में होने वाली बीमारियों से हमें बचाते हैं. नीरज ऑनलाइन भी इन बर्तनों को बेचते हैं. उनका दावा है कि इन बर्तनों में खाने बनाने से लोगों की सेहत बनती है. इसके अलावा नीरज ने गांव के कई लोगों को रोजगार भी दिया है.

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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 14:15 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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