
मनमोहन सेजू/ बाड़मेर.बरसों तलक देश भर में राजस्थान की पृष्ठभूमि पर बने बालिका वधु सीरियल ने अपनी धूम मचाई थी. आनन्दी और जगिया की काल्पनिक कहानी ने लोगों के दिलों में घर कर लिया था. आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी बालिका वधु की. जिसको महज सातवीं में पढ़ाई छुड़ाकर 13-14 साल की उम्र में बाबुल के घर से विदा कर ससुराल भेज दिया गया, लेकिन उस बच्ची ने अपनी समझ की उम्र में आते-आते मोबाइल को जरिया बनाकर सोशल मीडिया पर अपनी सोशल मीडिया क्वीन ऑफ मारवाड़ की पहचान बना दी है.
बाड़मेर के छोटे से गांव खारा में रह रही पूनम राजस्थानी आज देश भर में किसी पहचान की मोहताज नही है. महज सातवीं तक पढ़ी पूनम सोशल मीडिया की जान है. उसके वीडियो देश ही नहीं सात समंदर पार तक पसंद किए जाते है. आज यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर इनके 10 लाख से ज्यादा फ़ॉलोअर्स है.
अपने घर के आंगन में देशी राजस्थानी परिधान में बड़ी बेबाकी से वह बोलती है कि उसकी 13 साल की उम्र में ही शादी हो गई थी. शादी हो जाने के बाद खाली समय मे घर बैठे बैठे वीडियो बनाने शुरू किए और आज उनके सोशियल मीडिया पर करीब 10 लाख फॉलोवर्स है. वह सोशियल मीडिया से हर महीने 1 लाख रुपये कमा रही है. लेकिन वह बोलती है कि मैं महज अपवाद हूँ, बेटी को पढ़ाना बहुत जरूरी है.
शादी के बाद पूनम ने सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू किया और इसमे अधिक आमदनी ना होने पाने की समस्या की वजह से पूनम आमदनी के अन्य साधनो की खोज मे लग गई और खोज के दौरान उन्होंने टिक टॉक पर वीडियो बनाने शुरू किए और इसे ही अपनी आमदनी का साधन बनाने के बारे में सोचा. पूनम ने अपनी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नए जीवन की शुरुआत की जो कि उनके जीवन में मील का पत्थर साबित हुआ.
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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 13:18 IST








