झारखंड की सबसे बड़ी गौशाला में एंबुलेंस से लेकर AC तक की एडवांस सुविधा, 400 गाय की हो रही सेवा

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शिखा श्रेया/रांची. वैसे तो आपने कई गौशालाएं देखी होंगी, लेकिन हम आपको आज झारखंड की सबसे बड़ी गौशाला के बारे में बता रहे हैं, जो झारखंड की राजधानी रांची के सुकुरहुट्टू में स्थित है. जहां गायों के लिए काफी एडवांस सुविधा मौजूद है. 104 एकड़ में फैली इस गोशाला में गायों के लिए हर वो एक सुविधा मौजूद है जो किसी इंसान के लिए होनी चाहिए.

गौशाला की केयर टेकर भीम ने बताया कि यह गौशाला 104 एकड़ में फैली हुई है और इसे चलाने के लिए एक ट्रस्ट का निर्माण किया गया है. जिसमें 5 सदस्य हैं. यह गौशाला पूरी तरह से दान दिए हुए पैसे व दूध बेचने से जो पैसे मिलते हैं उससे चलती है. यहां पर गायों के लिए एंबुलेंस से लेकर नहाने के लिए अलग रूम तक मौजूद हैं.

आपके शहर से (रांची)

हर दिन बनता है 3 क्विंटल दलिया

भीम बताते हैं यहां कुल 400 गाय हैं. इनके खाने का विशेष ध्यान रखा जाता है. हर दिन करीब 3  क्विंटल दलिया बनता है और दलिया में गुड भी मिलाया जाता है. क्योंकि गुड पाचन के लिए काफी अच्छा होता है. साथ ही खाना बनाते समय साफ सफाई का विशेष ख्याल भी रखा जाता है, क्योंकि जब तक आप गायोको अच्छा पोषण नहीं देंगे तब तक वह अच्छी क्वांटिटी में दूध नहीं देगी और स्वस्थ भी नहीं रहेगी. इसके अलावा इनके खाने के लिए यहां पर 70 एकड़ जमीन में ताजा घास उगाई गई है. यहां पर किसी भी बाहरी चीजों का सेवन गाय को नहीं कराया जाता. यह गाय हर दिन कुल 800 लीटर तक दूध दे देती है. जिसे रांची में ही बेच दिया जाता है.

हॉस्पिटल से लेकर एंबुलेंस तक

भीम बताते हैं कि गाय के लिए अलग हॉस्पिटल खोला गया है. जिसमें करीब 10 कमरे हैं व गायों के लिए 15 बेड हैं. इसके अलावा आइसोलेशन रूम, ट्रॉली की व्यवस्था, आईसीयू, मेडिसिन रूम अस्पताल में उपलब्ध है. हॉस्पिटल में 2 डॉक्टर, डॉक्टर का हाथ बटाने के लिए 6 स्टाफ मेंबर हैं. अगर यहां पर उपचार नहीं हो पाता तो फौरन गाय को एंबुलेंस के जरिए दूसरे शहर ले जाने की पूरी सुविधा है.

साथ ही यहां पर गाय के नहाने के लिए झरने तक का इंतजाम है. तबेले में एसी व पंखे लगे हुए हैं. सबसे खास बात इस गौशाला से यह है कि यहां पर आपको गायों का एक मंदिर भी दिख जाएगा. जहां इसी तबेले से एक गाय को मंदिर के अंदर लाया जाता है और श्रद्धालुओं द्वारा इनकी पूजा की जाती है व दान दक्षिणा भी चढ़ाई जाती है.

गौशाला में होती है सेब से लेकर आम तक की खेती

भीम बताते हैं ये गौशाला हैं, लेकिन इतने उपजाऊ जमीन के चलते हम यहां आम, अमरूद, लीची ,सेब की खेती करते हैं. इस बार पहली बार हमने सेब की खेती की है और एक पेड़ में 40 से 45 सेब आ भी चुके हैं. इन फलों को मार्केट में बेचा जाता है और जो पैसे आते हैं वह गौशाला की देख रेख पर खर्च होते हैं. अगर आप भी इस गौशाला को घूमना चाहते हैं तो इस गूगल मैप की मदत से यहां तक आ सकते हैं.
https://maps.app.goo.gl/NBqNt2k7osmZavyM9

Tags: Cow, Jharkhand news, Latest hindi news, Ranchi news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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