गजब! यह शख्स महज 11 सेकंड में बांध देता है साफा.. दादा से सीखी साफा बांधने की कला

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मनमोहन सेजू/ बाड़मेर.राजस्थान राज्य की बात हो और साफे का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नहींसकता है. देश की राजधानी के लाल किले की प्राचीर से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करते है तो उनके सिर पर भी राजस्थानी साफा ही होता है. इसी साफे को बांधने के हुनर के चलते बाड़मेर के एक छोटे से गांव के युवा की अलग ही पहचान बनी हुई है.

मारवाड़ में आन-बान और शान का प्रतीक माना जाने वाला साफा अब युवाओं के मन को भाने लगा है. आमतौर पर पारम्परिक पहनावे में शामिल यह साफा भी स्टायलिश हो चला है. कई युवाओं ने तो साफा बांधने की कला को भी अपना व्यवसाय के रूप में अपना लिया है. दरअसल भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर के सरहदी आगोला गांव के हंसराज राठौड़ ने अपने दादा से साफा बांधने का हुनर सीखा था. पिछले दस साल से वह विभिन्न आयोजनों में अपने दादा की सिखाई कला से लोगो के सिरों पर राजस्थान की शान साफे को सजा रहे है. हंसराज राठौड़ ना केवल 15 अलग अलग प्रकार के साफे बेहद आसानी से बांध देते है जिसमे जोधपुरी राठौड़ी, पाग, जैसलमेरी, जोधपुरी गोल, सिरोही, उदयपुरी पगड़ी, बाड़मेरी, जालोरी, नागौरी, शेखावटी, मेवाड़ी साफा सहित अन्य प्रकार के साफे शामिल है.

हंसराज ने अपने दादा हिमथाराम राठौड़ से जो सीखा वह कई अंतरराष्ट्रीय मंचो पर भी इनका मान बढ़ा चुका है. उनका कहना है कि उन्होंने सबसे कम 11 सेकंड में जोधपुरी साफा जैसलमेर में आयोजित होने वाले अंतराष्ट्रीय महोत्सव मरु महोत्सव में बांधा था. हजारो की संख्या में मौजूद देशी, विदेशी पर्यटकों की बीच इस खास आयोजन में उन्हें विजेता घोषित किया गया था.तब विदेशी पर्यटकों ने घण्टों तक उनके साथ सेल्फीज़ ली थी.

हंसराज ने बतायाकि उन्होंने लगातार 3 घण्टे में 650 साफे जालोर के सरनाऊ गांव में एक शादी समारोह में बांधने का रिकॉर्ड भी कायम किया है. वह बताते है कि बचपन मे दादा से सीखा और अब लगातार तीसरी पीढ़ी साफा बांधने का काम करती है. पेशे से केंद्रीय विद्यालय जैसिंधर में शिक्षक हंसराज का हुनुर देखते ही बनता है.

.

FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 00:11 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें