
नरेश पारीक/ चूरू. चूरू में एक दिव्यांग से टोल वसूलना टोल बूथ के टोल कार्मिक और PWD को महंगा पड़ा है जहां अब दिव्यांग से वसूले गए टोल के 90 रुपए की एवज में टोल कार्मिक को और PWD को 15 हजार रुपए का हर्जाना भरने का जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आदेश दिया है.
दरसल ये पूरा मामला साल 2022 का है.जब चलकोई निवासी रामकृष्ण प्रजापत ने आयोग में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि उसे भारत सरकार द्वारा डिसेबल पर्सन परिचय पत्र जारी किया हुआ है. दिव्यांग के लिए विशेष निर्मित उसकी कार को परिवहन विभाग की तरफ से ईए सीरीज के नंबर भी आवंटित किए हुए हैं. बावजूद इसके साल 2022 को जब वह अपने वाहन से स्टेट हाइवे पर चूरू से भालेरी जाते समय सोमासी टोल प्लाजा के कार्मिकों द्वारा उसके द्वारा सारे कागजात दिखाने के बावजूद उससे टोल टैक्स वसूला गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया.
माम्रले पर आयोग द्वारा सुनवाई में कहा गया कि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 8 जून 2016 को जारी अधिसूचना में स्पष्ठ किया गया है. दिव्यांग वाहनों को सभी हाइवे पर टोल टैक्स में छूट है. आयोग ने पूरे मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग को भी जिम्मेदार मानते हुए पीड़ित के परिवाद को स्वीकार करते हुएअधीक्षण अभियन्ता व टोल कार्मिक को परिवादी से वसूल की गई टोल राशि मय ब्याज औरदस हजार मानसिक व शारीरिक हानि के व पांच हजार रुपए मुकदमे में व्यय के देने के आदेश जारी किए हैं.








