
उमेश शर्मा/चंडीगढ़: चंडीगढ़ पीजीआई ने मरीजों के बेहतर इलाज के मामले में सभी अस्पतालों को पीछे छोड़ दिया है. अब जब उत्तर भारत के बेस्ट सरकारी अस्पतालों का नाम लिया जाएगा तो चंडीगढ़ पीजीआई की गिनती टॉप 2 में होगी. क्योंकि इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की रैंकिंग में चंडीगढ़ पीजीआई को दूसरा स्थान मिला है. वहीं पहले स्थान पर दिल्ली का एम्स है.
चंडीगढ़ पीजीआई की गिनती ऐसे अस्पतालों में की जाती है, जहां मरीजों की कठिन से कठिन बीमारी का इलाज संभव हो पाता है. चंडीगढ़ पीजीआई की उपलब्धियों, मरीज़ों को मिलने वाला इलाज, सुविधाओं, मेडिकल स्टूडेंट्स के सीखने के संसाधन की बदौलत ही चंडीगढ़ पीजीआई को एनआईआरएफ रैंकिंग में दूसरा स्थान दिया गया है.
नई दिल्ली एम्स के बाद चंडीगढ़ पीजीआई ने देशभर के चिकित्सा संस्थानों को पीछे छोड़कर बेस्ट मेडिकल इंस्टीट्यूट कैटेगिरी में दूसरा स्थान हासिल किया. बतातें चले की पिछले छह सालों से चंडीगढ़ पीजीआई को लगातार देशभर में बेस्ट मेडिकल इंस्टीट्यूट में दूसरा स्थान मिल रहा है. इस साल भी पीजीआई को बेस्ट मेडिकल इंस्टीट्यूट में दूसरा स्थान मिला है. सोमवार को एनआईआरएफ ने रैंकिंग जारी की है.
एशिया के बेस्ट अस्पतालों में शुमार
चंडीगढ़ पीजीआई के रजिस्ट्रार उमेद माथुर ने न्यूज 18 से खास बातचीत के दौरान बताया कि कई तरह के मानकों के आधार पर रैंकिंग तय होती है. इन मानकों में शिक्षण, सीखने के संसाधन, अनुसंधान और व्यावसायिक अभ्यास, स्नातक परिणाम, आउटरीच जैसे तमाम मापदंडों के आधार पर बड़े संस्थानों को एक सामान्य रैंक के साथ-साथ एक अनुशासन विशिष्ट रैंक दी जाती है. इसके अलावा चंडीगढ़ का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पूरे भारत में 32वें स्थान पर रहा है. बताते चलें की चंडीगढ़ पीजीआई की गिनती एशिया के बेस्ट अस्पतालों में भी की जाती है.
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FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 21:06 IST








