
प्रदीप कश्यप/ सतना.मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है जहां शादी के जोड़े में दुल्हन दूल्हे संग पहुंची परीक्षा केंद्र, जहां दुल्हन ने B.ed फाइनल ईयर की परीक्षा दी, इस दौरान दूल्हे ने परीक्षा केंद्र के बाहर दुल्हन का करीब 4 घंटे से अधिक इंतजार किया, दरअसल यह मामला सतना शहर के पतेरी का है, जहां नागौद तहसील के बिलौधा ग्राम से हिरेंद्र अवधिया पिता संतोष अवधिया उम्र 25 वर्ष की बारात 5 जून की शाम शहर के पतेरी निवासी अनिल कुमार अवधिया पुत्री नमिता अवधिया उम्र 24 वर्ष बारात लेकर पहुंचे, जहां पूरे धूमधाम से दूल्हा दुल्हन के शादी की रस्में पूरी हुईं और दोनों ने सात फेरे लेकर एक दूसरे को जीवन साथी चुना.जब दूसरे दिन 6 जून को विदाई रस्म को रोक कर पहले दुल्हन की परीक्षा दिलाई गई, क्योंकि दुल्हन का आज B.ed फाइनल ईयर की परीक्षा थी, दूल्हा और दुल्हन के परिवार ने शिक्षा को पहली प्राथमिकता देते हुए, दूल्हा हिरेंद्र अवधिया अपनी नई नवेली दुल्हन नमिता अवधिया को लेकर शहर के निजी महाविद्यालय पहुंचा. दुल्हन ने परीक्षा केंद्र में बैठकर B.ed फाइनल ईयर की परीक्षा दी, परीक्षा केंद्र में पहुंची छात्रा को दुल्हन के जोड़े में देखकर विद्यालय प्रबंधन सहित अन्य छात्र छात्राएं उन पर निगाहें टिकी रहीं.
दुल्हन नमिता अवधिया ने बताया कि मेरा B.Ed फाइनल ईयर का एग्जाम था, हमारी फैमिली ने हमें पूरा सपोर्ट किया और विदाई के पहले हमें अपनी परीक्षा देने का मौका मिला, मैं आज बहुत खुश हूं कि हमारे परिवार ने हमारा पूरा सहयोग किया. मैं सभी बेटियों को एक मैसेज देना चाहती हूं कि वह शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके.
पति परीक्षा केंद्र के बाहर 4 घंटे किया इंतजार
दूल्हे हिरेंद्र अवधिया ने बताया कि वह इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वर्तमान समय में वह अखलूर जम्मू में नायक पद पर पदस्थ है. उनकी भर्ती जनवरी 2019 में सेना में हुई थी. तब से वह देश की रक्षा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह सेना से कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेकर अपना ब्याह रचाने अपने घर आए थे. 5 जून को वह बारात लेकर अपने निवास नागौद से सतना पहुंचे और पूरे रीति रिवाज के साथ उन्होंने नमिता के संग सात फेरे लेकर दोनों ने एक दूसरे को जीवन साथी चुना. इसके बाद 6 जून को विदाई से पहले उन्होंने शिक्षा को पहली प्राथमिकता देते हुए. अपनी पत्नी को वह परीक्षा केंद्र ले गए जहां उनकी पत्नी दुल्हन के जोड़े में परीक्षा केंद्र पर बैठकर B.ed फाइनल ईयर की परीक्षा पूरी की. जबकि हिरेंद्र करीब 4 घंटे से अधिक परीक्षा केंद्र के बाहर अपनी दुल्हन का इंतजार किया. उन्होंने सभी के लिए एक मैसेज दिया है कि हर व्यक्ति को शिक्षा को पहली प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि हमारे समाज में बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके.
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FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 16:32 IST








