
मोहित शर्मा/ करौली.राजस्थान में कई गांव ऐसे हैं जो अपनी एक खास पहचान रखते हैं. एक ऐसा ही गांव है पूर्वी राजस्थान के करौली का अटा गांव. यह छोटा सा गांव अपने हाथ से तैयार किए गए आइटमों और खासकर बबूल की लकड़ी से बनने वाली खाट के लिए प्रसिद्ध है. शहर से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अटा गांव में लकड़ी का कारोबार करीब 100 वर्ष पुराना है. इस गांव के स्थानीय कारीगरों द्वारा हाथ से तैयार किए गए लकड़ी के आइटमों की मांग ना केवल आसपास के क्षेत्रों में बल्कि दूर-दराज तक रहती है और इस गांव के हाथ से तैयार किए गए आइटमों की मांग का कारण है यहां की लकड़ी के आइटमों की मजबूती और उनकी कई प्रकार की खासियत.
अटा की खाट है बहुत प्रसिद्ध
गांव के स्थानीय कारीगर मुकेश माली का कहना है कि हमारे यहां की खाट बहुत प्रसिद्ध है. यह खाट बबूल की लकड़ी से हाथों से तैयार की जाती है. जिसकी उम्र एक बार बुनने पर लगभग 30 साल होती है. इसके अलावा इस गांव में लकड़ी के तखत और लकड़ी की दुकान भी बनाई जाती है और इनकी उम्र भी लगभग 50 साल होती है. उनका कहना है कि कई जगह पर लकड़ी के आइटम कच्ची लकड़ी और चिरौल की लकड़ी से बनाए जाते हैं. जिनमें रोग जल्दी लग जाता है. लेकिन हमारे गांव के लकड़ी के आइटम बबूल की लकड़ी से बनने के कारण उनमें लंबे समय तक रोग नहीं लगता है.
गांव में 100 साल पुराना है लकड़ी का कारोबार
गांव के स्थानीय निवासी और कारीगर हरि सिंह माली ने बताया कि अटा गांव में 100 साल पुराना लकड़ी का प्रसिद्ध काम है. गांव में बनने वाले लकड़ी के आइटमों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है यहां बनने वाली चारपाई और तखत. हमारे गांव में बनने वाले लकड़ी के आइटमों की खासियत उनका बाजार से सस्ता भाव.25 से 30 साल तक इनकी मजबूती बरकरार और इनमें घुन और रोग नहीं लगने की वजह है.
गांव के 500 लोगों को मिलता है लकड़ी से रोजगार
अटा गांव में सदियों पुराने लकड़ी के कारोबार से इसका चलन कम होने के बावजूद भी कई लोगों को रोजगार मिल रहा है. गांव के स्थानीय निवासी हरि सिंह माली का कहना है कि आज भी इस गांव में लगभग 500 से ज्यादा लोगों का लकड़ी के कारोबार से ही राशन चल रहा है.
अच्छी क्वालिटी के कारण दूर-दराज तक रहती है मांग
कई पीढ़ियां गुजर जाने के बाद गांव में आज भी लकड़ी के आइटम बनाते आ रहे हरि सिंह माली का कहना है कि यहां के जैसे लकड़ी के आइटमों की क्वालिटी राजस्थान में कहीं नहीं मिल पाती है. इसी वजह से आज भी यहां के लकड़ी के आइटमों की डिमांड रहती है. उन्होंने बताया कि यहां के लकड़ी के आइटमों की सप्लाई अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर सहित कई अन्य शहरों में रहती है.
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FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 15:11 IST








