रजत भट्ट/गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले गुप्ता जी की कहानी बड़ी खास है. यूं तो हर व्यक्ति अपनी जिंदगी में स्ट्रगल करता है. उसी तरह गोरखपुर के मनोज गुप्ता भी अपने परिवार की जिम्मेदारियों के तले दबे हुए थे. वो जिंदगी में कुछ ऐसा करना चाह रहे थे जिससे उनकी और उनके परिवार की परवरिश अच्छी तरह से हो सके. साथ ही, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले. वो कोई ऐसा काम करना चाह रहे थे जिसमें मेहनत करने से अच्छी कमाई हो सके. इस सोच के साथ मनोज अपने बच्चों के साथ एक गाड़ी में सेटअप लेकर सड़क पर उतरे और अपना बिजनेस शुरू किया.
मनोज बताते हैं कि 20 साल लगभग उन्होंने सहारा में फील्ड वर्क का काम किया था. इस दौरान शहर के लगभग लोगों से उनकी जान-पहचान हो गई थी, लेकिन इस काम से उनके परिवार का भरण पोषण ठीक से नहीं हो पा रहा था. तब उन्होंने चिकन-चावल बेचने का निर्णय लिया और अपने तीन बच्चों के साथ सड़क के किनारे एक वैन लगा कर खड़े हो गए. हालांकि, शुरू में इस काम को करते हुए मनोज गुप्ता को थोड़ी शर्म महसूस होती थी. मगर फिर उन्होंने शर्मिंदगी छोड़ कर काम शुरू किया. पिछले चार वर्ष से मनोज गुप्ता इस काम को कर रहे हैं. आज उनका परिवार और बच्चे खुशहाल हैं.
50 रुपये में चिकन-चावल से भरते हैं सबका पेट
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मनोज गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने अपना फूड स्टॉल लगाते हैं. उनके चिकन-चावल का टेस्ट ऐसा है कि यहां अधिकारी से लेकर ऑफिशियल वर्क करने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है. गुप्ता जी के यहां 50 रुपये में लोग चिकन-चावल का लुत्फ लेते हैं. वो हर दिन 4,000 से 5,000 रुपये तक की कमाई करते हैं. हालांकि, इस सबके बीच धार्मिक दिनों का ध्यान रख कर वो अपनी दुकान बंद रखते हैं.
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Tags: Chicken, Food 18, Food business, Gorakhpur news, Street Food
FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 15:07 IST








