
निखिल स्वामी/ बीकानेर. आमतौर पर लोग 6 से 7 इंच की रोटी खाते है और इस साइज की रोटी तीन या चार खा लेते है. जिससे व्यक्ति का पेट भर जाता है. ऐसे में एक ऐसी रोटी है जिसे एक व्यक्ति पूरा भी नहीं खा पता है. यह बीकानेर की सबसे बड़ी रोटी है. इस रोटी का साइज 18 इंच है. रोटी को खाने के लिए बीकानेर के अलावा दूसरे शहरों से भी लोग आते है. हम बात कर रहे है बीकानेर की सबसे बड़ी रोटी की. यह रोटी पहले एक जगह ही मिलती थी, लेकिन अब यह रोटी हाईवे के कुछ ढाबों पर बनने लगी है. बीकानेर जोधपुर बाईपास स्थित वीर तेजाजी होटल पर इन दिनों इस बड़ी रोटी की पूरे शहर में चर्चा है. इस रोटी के स्वाद को चखने के लिए दूर दूर से यानी दूसरे शहर से लोग आ रहे है.
होटल के संचालक महावीर सिंह ने बताया कि बीकानेर में यह रोटी काफी प्रसिद्ध हो चुकी है. यह रोटी आधा किलो आटे से यह रोटी बनाई जाती है. साथ ही यह कोयले की आंच पर देशी तरीके से पकाई जाती है. करीब पांच मिनट में यह रोटी बनकर और पककर तैयार हो जाती है. यह एक रोटी 60 रुपए की मिलती है. इस रोटी के साइज से यह अंदाजा लगाया जाता है की यह रोटी एक बड़ी थाली में पूरी बराबर साइज में आती है. गेहूं के आटे से बनी इस रोटी का दीवाना अब पूरा शहर होने लगा है. महावीर सिंह ने बताया कि इस रोटी के साथ लोग देशी घी, चीनी कर सब्जी लेते है. हालांकि सब्जी, घी, चीनी के रुपए लगते है. लोग इस रोटी को चुरकर देशी तरीके से खाते है. रोजाना यहां बड़ी संख्या में लोग रोटी खाने के लिए आते है. कोयले की आंच पर पकी इस रोटी का स्वाद भी दुगुना हो जाता है.
इस गांव के लोगों ने इजाद की रोटी
महावीर सिंह बताते है कि हमारे होटल में एक गांव के लोग यहां इस रोटी को बनाते है. वे पिछले चार पांच साल से यहां काम कर रहे है. बीकानेर के कोलायत तहसील के भानेरा गांव के लोगों ने इस रोटी को सबसे पहला बनाना शुरू किया यानी इजाद किया. इसके बाद इस गांव के लोग एक ढाबे पर इस रोटी को बनाने लगे. फिर शहर के हाईवे किनारे बने ढाबों पर यह रोटी बनने लगी. लोग इस रोटी को पसंद करने लगे. अब इस गांव के लोग शहर के पास बने ढाबों पर यह रोटी बना रहे है.
.
FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 14:45 IST








