Good News: PGI में कटी उंगली और हाथ की ट्रांसप्लांट सर्जरी शुरू, 9 साल के मासूम को मिली नई जिंदगी

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अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ. लखनऊ शहर के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज एसजीपीजीआई में अब किसी दुर्घटना में कटी उंगली, हाथ या पैर की ट्रांसप्लांट सर्जरी करवाई जा सकेगी. बीते गुरुवार को ट्रांसप्लांट सर्जरी की शुरुआत कर दी गई. पहले दिन ही सुल्तानपुर से आए 9 वर्षीय एक मासूम को डॉक्टरों ने उसकी कटी उंगलियों को जोड़कर नई जिंदगी दी और बच्चे को अपंग होने से बचा लिया.

पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि 9 वर्षीय मासूम का नाम श्लोक यादव है. उसके घर पर चारा काटने की मशीन लगी हुई थी. वह उसी के पास में बैठा हुआ था. खेलते हुए उसका हाथ उसी में चला गया जिस वजह से बच्चे की दो उंगलियां कट गई. बच्चे के परिजन यहां पीजीआई में उसे लेकर आए थे. प्लास्टिक सर्जरी विभाग की पूरी एक टीम ने बच्चे की तुरंत उंगलियों को ट्रांसप्लांट सर्जरी के जरिए जोड़ दिया. लगभग 7 घंटे तक उंगलियों का ट्रांसप्लांट किया गया, लेकिन बच्चे की दोनों उंगलियां जुड़ चुकी हैं और बच्चा अपंग होने से बच गया है. बच्चा और उसके मां-बाप दोनों ही बेहद खुश हैं.

कटे हुए अंग को तुरंत सुरक्षित कर लें

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उन्होंने बताया कि जो उंगली, पैर या हाथ कट जाता है उसे ही दोबारा ट्रांसप्लांट के जरिए जोड़ा जाता है. चोट लगने के लगभग 4 से 6 घंटे के अंदर ही कटे हुए हिस्से का ट्रांसप्लांट सही तरीके से हो पाता है. उसके बाद थोड़ी मुश्किलें होती है. उन्होंने बताया कि अगर किसी के साथ भी ऐसी घटना या दुर्घटना होती है, तो उसे एक पॉलिथीन में अपने उस कटे हुए हिस्से को रख लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास आना चाहिए. पॉलिथीन में बर्फ भी डाल देनी चाहिए. इससे कटा हुआ हिस्सा जल्दी सड़ेगा नहीं.

इस टीम ने किया है ट्रांसप्लांट

इस ट्रांसप्लांट की शुरुआत प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. भारती, डॉ. निखिलेश, डॉ. भूपेश, डॉ. गौतम, सिस्टर प्रतिमा, अमृता के साथ ही आरती अग्रवाल,सुमित, दिव्या और डॉक्टर नूपुर ने बच्चे की उंगलियों को जोड़कर उसे नया जीवन दिया है.

Tags: Lucknow news, UP news

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Author: Up Head Line

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