लाखों के ‘लालच’ के बाद भी उसूलों से नहीं डिगे थे गोपीचंद, कोल्‍ड ड्रिंक कंपनी का ऑफर ठुकराकर बने थे मिसाल

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नई दिल्‍ली. देश में खेल आज शोहरत के साथ धन कमाने का जरिया बन चुके हैं. क्रिकेट ही नहीं, अन्‍य खेलों में भी आज कामयाब प्‍लेयर्स की काफी पूछपरख है और नामी कंपनियां उन्‍हें बड़ी राशि में अनुबंधित करने के लिए आगे-पीछे घूमती हैं.ज्‍यादातर प्‍लेयर्स भी किसी भी ब्रांड का इंडोर्समेंट करने को तैयार रहते हैं लेकिन प्‍लेयर्स की इस भीड़ में ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो नैतिकता को ध्‍यान में रखते हुए ऐसे प्रोडक्‍ट का विज्ञापन करने से इनकार कर चुके है जो स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हैं.

21 की सदी की शुरुआत में देश में क्रिकेटरों के अलावा अन्‍य खेलों के प्‍लेयर्स को विज्ञापन के ऑफर कम ही मिलते थे, इस दौर में एक बैडमिंटन खिलाड़ी ने सॉफ्टड्रिंक की नामी कंपनी के विज्ञापन से इनकार करके मिसाल कायम की थी.

ऑल इंग्‍लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले दूसरे भारतीय
यह खिलाड़ी थे बैडमिंटन स्‍टार पुलेला गोपीचंद. प्रकाश पादुकोण के बाद वे प्रतिष्ठित ऑल इंग्‍लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले दूसरे भारतीय प्‍लेयर रहे थे.गोपी 2001 में ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियन बने थे. उनकी कामयाबी को भुनाने के लिए मशहूर कोल्‍ड ड्रिंक कंपनी ने उन्‍हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाने के लिए ऊंची रकम की पेशकश की थी.कोई और खिलाड़ी होता तो शायद ऑफर को स्‍वीकार कर लेता लेकिन गोपीचंद ने यह कहते हुए इसे ठुकरा दिया था कि जिस ड्रिंक को वे खुद नहीं पीते उसका प्रमोशन नहीं करेंगे.गोपी ने यह भी कहा था कि उन्‍हें नहीं लगता कि कोल्‍ड ड्रिंक पीने से कोई फायदा होता है.

साइना, सिंधु जैसी खिलाड़ी हैं गोपीचंद की ही देन
प्रतिष्ठित राजीव गांधी खेल रत्‍न अवार्ड से नवाजे जा चुके गोपीचंद का करियर चोटों के कारण लंबा नहीं चला लेकिन इसके बाद उन्‍होंने देश में बैडमिंटन प्‍लेयर्स की लंबी फौज तैयार की. साइना नेहवाल, पीवी सिंधु, किंदांबी श्रीकांत, पुरुपल्‍ली कश्‍यप ओर गुरु साईदत्‍त जैसे प्‍लेयर्स को तैयार करने का श्रेय उन्‍हें ही जाता है.गोपीचंद ने बैडमिंटन से संन्यास लेने के बाद  2003 में हैदराबाद में पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी शुरू की थी.

बैडमिंटन एकेडमी शुरू करने के लिए गिरवी रखा था घर
आंध्र प्रदेश सरकार ने गोपीचंद को बैडमिंटन एकेडमी शुरू करने के लिए जमीन दी थी लेकिन इस प्रोजेक्‍ट को शुरू करने की राह में आर्थिक संकट का सामना उन्‍हें करना पड़ा .ऐसे में उन्‍होंने अपना घर गिरवी रख दिया लेकिन धन अर्जित करने के लिए उन्‍होंने अपने मूल्‍यों से कभी समझौता नहीं किया. किसी गैर क्रिकेटर के लिए ऐसा साहस जुटाना वाकई बहुत बड़ी बात थी.

Tags: Badminton, Pullela Gopichand

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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