
आशुतोष तिवारी/रीवा: आज हम आपको एक ऐसे आम के बारे में बताने जा रहे हैं जो दिखने और स्वाद में अन्य आमों से अलग है. यह विशेष प्रजाति का आम रीवा के कुठुलिया फार्म हाउस में उगाया जाता है. यह आम दिखने में करेले की तरह खुरदुरा दिखता है, इसलिए इसका नाम करेला आम पड़ गया है.
कुठुलिया फार्म हाउस में सैकड़ों प्रजाति के आम की खेती की जाती है. आम की कई प्रजातियों में बंबईया, खिरामा, सुंदरजा, लंगड़ा के अलावा करेला किस्म के आम की खेती की जाती है. रीवा जिला आम की खेती के लिए दुनिया भर में मशहूर है. यहां के आम विदेशों तक जाते हैं. रीवा के सुंदरजा आम को जीआई टैग भी मिल चुका है.
फल अनुसंधान केंद्र कुठुलिया के कृषि वैज्ञानिक टीके सिंह ने करेला आम के बारे में बताया कि करेला प्रजाति के आम में मीठा पन कम होता है. कम मीठा होने की वजह से इसका पाउडर भी बनाया जाता है. इसकी खासियत है कि यह पाउडर वर्षों तक खराब भी नहीं होता. करेला आम के पाउडर को डायबिटीज के रोगी भी खा सकते हैं.
करेला आम में कई गुण
आगे बताया कि फॉर्म हाउस में 237 प्रकार के आम लगाए गए हैं, लेकिन किसी भी आम में करेला आम जैसे गुण नहीं हैं. करेला आम के पाउडर को डायबिटीज के रोगी भी खा सकते हैं. करेला आम पकने पर भी सुर्ख लाल नहीं होता है, हल्का हरा ही रहता है. जब यह आम परिपक्व हो जाता है तो ऐसा लगता है की यह करेला ही है.
इसके पाउडर से बनता है पना
इस आम की बाहरी परत करेले की तरह खुरदुरी होती है. वैसे तो इस फॉर्म हाउस में एक से बढ़कर एक आम उगाए जाते हैं. महाराष्ट्र के हापुस आम के अलावा बिहार के जर्दालू और गुजरात के केसर आम की खेती भी यहां की जाती है, लेकिन जो क्वालिटी करेला आम की है, ऐसी किसी भी आम की नहीं. कच्चे आम का पना जो बनता हैं, इसी के पाउडर से बनाया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 14:28 IST








