World Environment Day 2023: सिसक रही यमुना.. सो रहे जनप्रतिनिधि, नदी बचाने को आगरा में सामने आये आम लोग

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हरिकांत शर्मा/आगरा. विश्व पर्यावरण दिवस पर रिवर कनेक्ट कैंपेन के द्वारा यमुना नदी की गंदगी के प्रति लोगों को जागरूक करने और जनप्रतिनिधियों की नींद खोलने के उद्देश्य से आगरा में ताज कॉरिडोर से एत्मादुद्दौला व्यू प्वाइंट आरती स्थल तक की पदयात्रा का आयोजन किया गया. पदयात्रा में शहर के तमाम लोगों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.

सरकार से यमुना नदी में अविरल जलप्रवाह सुनिश्चित करने, बैराज निर्माण, सफाई और शुद्धिकरण के लिए जनप्रतिनिधियों को जगाने, अधिकारियों की नींद खुलने के उद्देश्य से इस पदयात्रा का आयोजन किया गया था. ताज कॉरिडोर से यमुना आरती स्थल तक बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए और अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए दर्जनों लोगों और समाजसेवियों ने मार्च निकाला. उन्होंने  सरकार से जल्द से जल्द यमुना नदी को स्वच्छ रखने के लिए बैराज और शुद्धिकरण करने की मांग की.

अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही यमुना

पर्यावरण प्रेमी जितेंद्र फौजदार ने बताया कि हमारे शहर में यमुना की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है. हर रोज सैकड़ों नाले का गंदा पानी सीधे यमुना में गिरता है. इससे यमुना मैली और प्रदूषित होती है. सबकुछ शासन-प्रशासन की नजरों के सामने चल रहा है. यमुना अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है. एक समय था जब लोग यमुना नदी में नहाते थे. यमुना के पानी से आचमन करते थे, लेकिन अब आचमन तो छोड़िए, यमुना के पानी में नहा भी नहीं सकते हैं. यमुना इतनी प्रदूषित हो गई है कि यह सूखकर कांटा बनती जा रही है.

यमुना को स्वच्छ और साफ बनाए रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. यह व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह है. सरकार के द्वारा दावे किए गए कि यमुना में स्टीमर चलाए जाएंगे. स्टीमर भले ही ना चले, लेकिन कम से कम सरकार यमुना नदी में इतना पानी तो दे कि इसका स्वरूप एक अविरल नदी जैसी बनी रहे.

बिना सीवेज ट्रीटमेंट के तीरे गिरते हैं यमुना में गंदे नाले

कैलाश घाट से लेकर यमुना दशहरा घाट तक 50 से अधिक नाले बिना सीवेज ट्रीटमेंट के सीधे तौर पर यमुना में गिरते हैं. इन नालों की गंदगी से यमुना प्रदूषित ही नहीं, बल्कि जहरीली होती जा रही है. सरकार हर साल लाखों-करोड़ों रुपये यमुना की सफाई के लिए देती है, लेकिन इसका आधा पैसा भी यमुना की सफाई में नहीं लगता है. शहर के सामाजिक संस्थाओं और पर्यावरणप्रेमियों की मांग है कि जल्द यमुना पर बैराज बने. यमुना को पर्याप्त पानी दिया जाए. यमुना की साफ-सफाई हो. यमुना से ही शहर और ताजमहल का अस्तित्व जुड़ा हुआ है.

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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 13:02 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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