
नई दिल्ली. मणिपुर में मेइती (Meitei) और कुकी (Kuki) समुदायों के बीच पिछले एक महीने से जारी हिंसा (Manipur Violence) का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. नेशनल हाईवे नंबर 2 के ब्लॉक होने के कारण इंफाल घाटी में रोजमर्रा के सामानों की भारी किल्लत हो गई है और उनकी कीमतें आसमान पर पहुंच गईं है. दोनों पक्षों की इस लड़ाई में राज्य का हर शख्स पिस रहा है. बैंकों के बंद होने के कारण एटीएम में कैश खत्म हो गया है. ऐसे हालात में जीवन गुजार रहे लोगों के कष्टों का केवल अनुमान ही लगाया जा सकता है, जहां पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो गया है और ब्लैक मार्केट में पेट्रोल 200 रुपये लीटर बिक रहा है.
‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक केवल पेट्रोल ही नहीं बल्कि मणिपुर में जीवन रक्षक दवाओं (Essential Drugs) की भी भारी कमी हो गई. कर्फ्यू से छूट के दौरान दुकानें हर दिन कुछ घंटों के लिए खुलती हैं. मणिपुर की हिंसा के कारण इंफाल घाटी के लोगों को रोजाना के जीवन को चलाने के भारी संघर्ष करना पड़ रहा है, जो हाइवे ब्लॉक होने के कारण देश के शेष हिस्सों से एक तरह से कट गए हैं. करीब एक महीने पहले मणिपुर में 3 मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन, मणिपुर (एटीएसयूएम) ने मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने की मांग के खिलाफ एक विरोध रैली की थी. जिसके बाद मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी.
आंकड़ों के मुताबिक इसके कारण दोनों समुदायों को भारी नुकसान पहुंचा है. राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक महीने भर की हिंसा में मरने वालों की संख्या 98 और घायलों की संख्या 310 हो गई है. दोनों समुदायों के लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है और उन्हें मणिपुर या दिल्ली, दीमापुर और गुवाहाटी जैसे शहरों सहित कई राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा. इस पहाड़ी राज्य में एक महीने से इंटरनेट कनेक्शन बंद है. मणिपुर के विभिन्न इलाकों में छिटपुट हिंसा जारी है. फिर भी जीवन चलाने के लिए कुछ वस्तुओं की जरूरत होती ही है. ऐसी वस्तुओं की कमी हिंसा के कारण लगे बड़े झटकों में से एक है.
मणिपुर में जरूरी सामानों की कीमत रातोंरात दोगुनी हो गई क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 को बंद कर दिया गया और मालवाहक ट्रकों को राजधानी इंफाल में प्रवेश करने से रोका गया है. मणिपुर में चावल की औसत कीमत पहले के 30 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. सब्जियों की कीमत पर भी असर पड़ा है. प्याज, जो पहले 35 रुपये प्रति किलो था, अब 70 रुपये और आलू की कीमत 15 रुपये से बढ़कर 40 रुपये हो गई है. अंडे की कीमत अब 6 रुपये प्रति पीस से बढ़कर 10 रुपये प्रति पीस हो गई है. रिफाइंड तेल भी महंगा हो गया है. 220 रुपये प्रति लीटर की पुरानी कीमत से बढ़कर ये लगभग 250 और 280 रुपये तक बिक रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 07:16 IST








