नए राज्यपाल से भी ममता सरकार की ठनी, वीसी की नियुक्तियों को लेकर आमने-सामने, शिक्षा मंत्री ने गवर्नर के फैसले को बताया ‘गैरकानूनी’

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राज्यपाल और ममता बनर्जी की सरकार के बीच तनातनी शुरू होती हुई नजर आ रही है. जानकारी के मुताबिक कुलपति की नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार और राज्यपाल सीवी आनंद बोस आमने-सामने आ गए हैं. बीते गुरुवार को ही सीवी आनंद बोस ने 11 यूनिवर्सिटी में अंतरिम कुलपतियों की नियुक्तियां की हैं. वहीं टीएमसी राज्यपाल के इस कदम को गैरकानूनी बता रही है.

11 कुलपतियों की राजभवन द्वारा की गई थी नियुक्ति
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीते गुरुवार को कल्याणी यूनिवर्सिटी, बर्दवान यूनिवर्सिटी, संस्कृत कॉलेज और विश्वविद्यालय, सिधो कान्हो बिरसा यूनिवर्सिटी, काजी नजरुल यूनिवर्सिटी, दक्षिण दिनाजपुर यूनिवर्सिटी, कलकत्ता यूनिवर्सिटी, जाधवपुर यूनिवर्सिटी. बांकुरा यूनिवर्सिटी. बाबा साहब आंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी, डायमंड हार्बर महिला यूनिवर्सिटी में कुलपति पद पर कुल 11 नियुक्तियां की गई थीं. वहीं राज्यपाल के इस कदम पर टिप्पणी करते हुए पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने इस फैसले को गैरकानूनी बताया और शिक्षकों से पद स्वीकार करने के लिए मना करने की अपील की.

राज्य के शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के फैसले को बताया अवैध
बसु ने कहा, ‘मुझे मीडिया से नियुक्तियों के बारे में पता चला. विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्त करना प्रक्रिया का उल्लंघन है. शिक्षा विभाग को इससे बाहर रखा गया था. यह पूरीव तरह गैरकानूनी है.’ बसु का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राज्यपाल प्रदेश सरकार से चर्चा कर कुलपति की नियुक्ति करेंगे. लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अब इस तरह की और नियुक्तियां भी हो सकती हैं. ममता सरकार ने राज्यपाल के कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “एकतरफा” और “अवैध” बताया.

शिक्षा मंत्री ने कहा- चांसलर के तौर पर यूनिवर्सिटी में नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं राज्यपाल
राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने शुक्रवार को कहा, “हम उन्हें कार्यवाहक वीसी के रूप में मान्यता नहीं देंगे. कुलाधिपति परिसरों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए विभाग से परामर्श किए बिना अंतरिम वीसी की नियुक्ति कर रहे हैं.” शिक्षा मंत्री के साथ जुड़ते हुए, राज्यपाल ने राजभवन में एक कार्यक्रम के मौके पर कहा, “परामर्श का मतलब सहमति नहीं है.”

Tags: Mamata banerjee, West bengal

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Author: Up Head Line

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