
Success Story : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 का रिजल्ट पिछले महीने आया है. जिसमें इशिता किशोर ने टॉप किया है. अभी तक आपने कई यूपीएससी एस्पिरेंट्स के स्ट्रगल की कहानियां पढ़ी होगी. आज हम आपको ऐसी शख्सियत के संघर्ष की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर यूपीएससी की परीक्षा दी थी. जब रिजल्ट आया तो वह हॉस्पिटल के बिस्तर पर थीं. उनकी ऑल इंडिया 913 रैंक आई है. परिवार उनकी इस सफलता से काफी खुश है.
यह कहानी केरल के वायनाड की रहने वाली शेरिन शहाना की है. 25 साल की शेरिन पैरालाइज्ड हैं. वह व्हीलचेयर के सहारे चलती-फिरती हैं. शेरिन की जिंदगी हादसों से भरी हुई है. साल 2015 में उनके पिता का निधन हो गया था. परिवार इससे उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि साल 2017 में वह छत से गिर गईं. जिसमें उनकी रीढ़ में गहरी चोट लगने से शरीर का निचला हिस्सा और हाथ काम करना बंद कर दिए. इसके बाद वह करीब दो साल तक बिस्तर पर पड़ी रहीं. इस दौरान शेरिन के संघर्ष की साथी उनकी मां और बहन रहीं.
बचपन से ही आईएएस बनना चाहती थीं शेरिन
शेरिन बचपन से ही आईएएस बनना चाहती थीं. हादसे के बाद उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की और इसके बाद उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में नेट-जेआरएफ निकाला. अभी वह कालीकट यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं. उन्होंने दो साल पहले एक आईएएस एकेडमी में दाखिला लिया. जो दिव्यांग कैंडिडेट के लिए स्पेशल प्रोग्राम पेश करती है. साथ ही उन्हें यूएन एनवायरमेंट प्रोग्राम (डिजास्टर रिस्क रिडक्शन) के चीफ मुरली थुम्मरुकुडी का भी बहुत सपोर्ट मिला.
स्क्राइब की मदद से लिखा था यूपीएससी पेपर
शेरिन ने यूपीएससी 2022 की परीक्षा व्हीलचेयर पर बैठकर दी थी. उन्होंने परीक्षा में मलयालम आप्ट किया था. परीक्षा में लिखने के लिए उन्हें स्क्राइब की मदद ली थी. लेकिन उनके जीवन में अभी हादसों का अंत नहीं हुआ था. हाल ही में कुछ समय पहले ही उनका कार एक्सीडेंट हो गया था. जिसके बाद वह हॉस्पिटल में थीं. जब यूपीएससी 2022 का रिजल्ट आया तो वह हॉस्पिटल के बिस्तर पर थीं.
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Tags: IAS exam, Success Story
FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 19:24 IST








