मिलिए इस ‘पावर गर्ल’ से…रोज गांव से शहर आकर करती है ट्रेनिंग, जीत चुकी कई मेडल

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मेघा उपाध्याय/इंदौर: ‘म्हारी छोरी छोरो से कम है के’…यह डायलॉग तो आपने फिल्म दंगल में सुना ही होगा और फिल्म भी देखी ही होगी कि कैसे फोगट गर्ल्स दिन रात मेहनत कर एक ऐसे खेल में खुद को स्थापित करती हैं, जो समाज के अनुसार लड़कियों के लिए बना ही नहीं है. कुछ ऐसी ही कहानी इंदौर की 19 साल की कुमकुम सेन की है, जो पावर लिफ्टिंग और वेट लिफ्टिंग करती हैं.

इंदौर के दतोदा गांव की रहने वाली है कुमकुम के पिता मजदूरी कर घर की जरूरतें पूरी करते हैं और माता गृहणी हैं. कुमकुम को मिलाकर घर में कुल चार भाई बहन हैं. कुमकुम ने स्कूली शिक्षा गांव से की और अब शासकीय कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं. शिक्षा से ज़्यादा उनकी रुचि खेल में रही है, लेकिन खेल के साथ पढ़ाई का तालमेल कुमकुम ने बनाए रखा.

जीत चुकी कई मेडल
2023 में ही आयोजित होने वाले खेल प्रतियोगिताओं में कुमकुम ने वेट लिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग में सिल्वर, गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीते. कुमकुम अबतक जिला और राज्य स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं. मध्यप्रदेश खेल एसोसिएशन द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है.

रोज गांव से शहर जाकर ट्रेनिंग
कुमकुम बताती हैं कि उन्होंने नेशनल खेलने की भी तैयारी की थी, लेकिन उसमें कुछ रुपयों का इंतजाम नहीं हो पाने के कारण पैर पीछे करने पड़े. लेकिन अब वह फिर तैयारी कर रही हैं, ताकि आने वाले समय में नेशनल स्तर पर हिस्सा ले सकें. गांव से 25 km दूरी तय कर शहर जाकर रोज ट्रेनिंग लेती हैं और फिर वापस आकर अपने दूसरे कामों में जुट जाती हैं. इसी संघर्ष को वो अपना गुरु मानती हैं.

ताने मारने वाले अब तारीफ करते हैं
कुमकुम ने बताया कि मौसी के बेटे उनके सबसे बड़े सपोर्टर हैं. वही खेल में आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरणा देते हैं. ग्वालियर में रहने के बावजूद फ़ोन पर हर संभव मदद करते हैं. इसके अतिरिक्त माता पिता को भी गर्व है कि बेटी कुछ अलग कर रही है और उन्हीं की शुभकामनाओं को कुमकुम अपनी हिम्मत और ताकत मानती हैं. उन्हें अब इसी में करियर बनाना है. लोगों के ताने भी मिलते हैं, लेकिन अब सुन कर अनसुना करना उनके व्यवहार में आ चुका है. बताती हैं कि जो लोग ट्रेनिंग शुरू करने पर ताने मारते थे, आज मेडल लाने पर तारीफ करते हैं.

जॉब की तलाश
फ़िलहाल, कुमकुम जॉब की तलाश में हैं, जिससे वह अपने खर्चे उठा सकें और परिवार पर किसी भी तरह का कोई बोझ न बनें. उनका सपना खेल में ही कुछ अच्छा कर देश, गांव और परिवार का नाम रोशन करना है.

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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 19:16 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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