
हर्षिल सक्सेना/बारां.पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शहर में अचानक आंधी के साथ झमाझम बारिश होने से किसान और व्यापारी को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा हैं. अचानक बारिश होने से किसान की मेहनत पानी में भीग कर पानी-पानी हो गई.कृषि उपज मंडी में रखे व्यापारियों व किसानों का माल पानी में भीग गया. अचानक हुई बारिश से मंडी में 30,000 से ज्यादा बोरी कृषि जींस भीग गई. अचानक बारिश होने से व्यापारी एव किसान को माल ढकने का समय तक नहीं मिल पाया. जिसके चलतेतेज बारिश में भीग रहेमाल को किसान समेटते नजर आए.
शहर में हुई झमाझम बारिश से किसान के खून पसीने की मेहनतकृषि मंडी के दरिया बनते ही उसमे बेह निकली. जहां एक ओर रात दिन खेतों में मेहनत करके फसल को तैयार करने वाले किसान वह माल खरीदने वाला व्यापारी तेज बारिश होने से अपने आंसू रोक नहीं पाए. बारिश होने से शहर के कृषि उपज मंडी में मैं रखे व्यापारी एवं किसान का माल बारिश की भेंट चढ़ गया. कृषि उपज मंडी में प्लेटफार्म पर रखे माल को भीगने से बचाते किसान इतने में अचानक तेज बारिश होने से पूरा माल भीग गया. जिससे किसान को कई हद तक नुकसान का सामना करना पड़ा.हालांकिकई किसान माल को बेचकर जा चुके थे वहीं कई किसान माल को बेचने के लिए कृषि उपज मंडी में मौजूद थे. ऐसे में ना केवल किसान को बल्कि माल को खरिदने वाले व्यापारी को भी नुकसान का सामना करना पड़ा है.
मंडी में 30,000 से ज्यादा बोरी गई भीग
मंडी व्यापारी मनीष ने बताया कि मंडी में तेज बारिश होने से 30 से 40, हजार बोरी कृषि जींस भीग गई. जिससे व्यापारी औरकिसानों के माल भी गए. जिससे दोनों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंनेबताया किपिछले 4 साल में एक भी कवर शेड का निर्माण नहीं हुआ है. जबकि व्यापारी हर साल 30 करोड़ से अधिक सालाना टैक्स चुका रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 18:32 IST








