
नरेश पारीक/चूरू. शुक्रवार को घोषित हुए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 98.50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चूरू के वैभव शर्मा ने जिले में अपना परचम लहराया है. 98.50 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप करने वाले वैभव के मैथ्स में 100 में 100 नंबर आए हैं. वैभव की कामयाबी और भी खास हो जाती है जब वैभव ने ये अंक बिना ट्यूशन सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल किए हैं.
वैभव का कहना है कि वह घर पर ही 6 से 8 घंटे मन लगाकर पढ़ाई करते थे और उनके परिजन उनका पूरा ख्याल रखते थे. वैभव के पिता सुनील शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ऊंटवालिया में प्रधानाचार्य हैं और उनकी माता सुनीता शर्मा गृहिणी. वैभव के दादा सुरेश शर्मा सेवानिवृत्त लेखाधिकारी हैं. वैभव ने अपनी सफलता का श्रेय दादा-दादी, माता-पिता, बहन, गुरुजनों के मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत और नियमित अध्ययन को दिया है.
डॉक्टर बनना लक्ष्य
वैभव ने बताया कि उसका लक्ष्य नीट क्वॉलीफाई करने के साथ एक बेहतरीन डॉक्टर बनकर देश व समाज की सेवा करना है. वैभव ने कहा मेहनत और लगन से कठिन से कठिन मुकाम पाया जा सकता है. वैभव ने हमउम्र स्टूडेंट्स से जीवन में कभी भी शॉर्टकट न अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और उसके प्रति दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की जरूरत है.








