
दुर्गेश सिंह राजपूत/नर्मदापुरम: जिले के सिवनी मालवा तहसील के 65 हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबे की ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल पर इल्लियों और माहू का प्रकोप देखा जा रहा है. किसानों द्वारा कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल रही है. बताया कि दो-चार दिन में फसल को बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करते हैं. लेकिन एक-दो दिन बाद फिर मूंग में माहू और इल्ली का प्रकोप दिखाई देने लगता है.
किसानों ने बताया कि प्राइवेट दुकानों से लेकर बार-बार कीटनाशक का छिड़काव करने से कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. हम किसानों के पास कीटनाशक खरीदने के लिए अब नगद नहीं है. इसकी वजह है पूरी फसल बर्बाद होने की कगार पर है. किसान तुलसीराम लौवंशी की ग्राम भैरोपुर में 4 एकड़ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. बताया कि माहू का प्रकोप इतना अधिक है कि मूंग के पौधे और फल पूरी तरह माहू की चपेट में आ गए हैं.
आगे बताया कि 3 दिन पहले ही कीटनाशक का छिड़काव किया था, लेकिन 2 दिन बाद फिर वही स्थिति देखने को मिली. अत्याधिक माहू लगने के कारण फसल सूखने लगी है. अब विभाग की सलाह और अनुदान पर कीटनाशक दवा न मिलने से किसानों का लाखों रुपये के नुकसान हो रहा है.
चिंता न करें किसान, अपनाए ये तरीका
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक केके मिश्रा ने बताया कि किसानों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है, जिन किसानों की फसल 50 से 55 दिनों की हो गई है वे ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल में पानी देना बंद कर दें. इससे फसल पूरी तरह पक जाएगी. साथ ही जिन किसानों की फसल अभी 40-45 दिन की हुई है वह एक बार कीटनाशक का छिड़काव कर दें. तेज धूप में जिन फसलों में माहू लगी है, वह खत्म हो जाएगी. खेत में नमी न रहे इसका ध्यान रखना होगा. किसानों को फसल में सफाया का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
.
Tags: Farming, Mp farmer, Mp news
FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 23:59 IST








