
संजय यादव/बाराबंकी. बेमौसम हुई बारिश से भले गर्मी में लोगों को राहत मिली हो लेकिन इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. इस समय किसान अपने खेतों में तरबूज, खरबूजा और टमाटर आदि की फसल तैयार लगी थी. अचानक हुई बारिश से उनकी पकी हुई फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है. किसान अपनीफसल को लेकर काफी परेशान है.
दरअसल पिछले सालतरबूज, खरबूजा और टमाटर केदाम अच्छा मिला था.जिसे देखकर किसानों ने इस बार ज्यादा एरिया में इसकी खेती की. रकबा बढ़ने से फसलों का उत्पादन भी काफी बढ़ गया पर अचानक हुई बारिश से तरबूज और खरबूजे में रोग लग गया और फल दागी निकल रहा है.जिससे तरबूज, खरबूजे, टमाटर के दाम इन दिनों एकदम जमीन पर आ गए हैं.
बेमौसम बारिश से टमाटर की फसल को नुकसान
किसान मोहित वर्मा ने बताया टमाटर पूरी तरह से पका हुआ लगा था. अचानक हुई बारिश से पेड़ सूखने लगे और टमाटर ढीला और गुलगुला हो गया जिससे टमाटर फटा हुआ निकल रहा है, काफीज्यादा सड़ रहा है. हम लोगों की जो लागत है एक बीघे में करीब 30 हजार रुपये लागत आती है दो बीघे हमने टमाटर की खेती इस बार लगाई है, जिसमें 60 हजार रूपये की लागत आई है.
टमाटर का जो बीज होता है ये काफी महंगा मिलता है. उसके बाद इसमें रोग ना लगे उसके लिए दवाइयां छोड़ी जाती हैं और पानी खाद का विशेष ध्यान रखा जाता है पर अचानक हुई बारिश से इस बार हम लोगों को लागत भी निकाल पाना मुश्किल हो रहा है.
लागत मूल्य भी नहीं हो रहा नसीब
वहीं तरबूज की खेती कर रहे किसान बहादुर ने बतायाकि बेमौसम बारिश से तरबूज, टमाटर, खरबूजा की फसल को काफी नुकसान हुआ है. इसमें कई प्रकार के रोग लगने के साथ टमाटर तरबूज और खरबूजे में सड़न पैदा हो गई है. बारिश के बाद जितनी ज्यादा तेज धूप होगी उतना ही ज्यादा खरे का रोग फसलों पर फैलता जायेगा और फसल सूख जाएगी.
वैसे भी इस बार हमने तरबूज की फसल चार बीघे में लगाई है. जिसमें लागत करीब 70 हजार रुपये आई, इस खेती में तरबूज का बीज भी महंगा मिलता है और इसमें पन्नी कीट नाशक दवाई खाद पानी आदि का खर्च ज्यादा लगता है. तरबूज की फसल मेरी एकदम तैयार लगी थी. इस बारिश से मेरी फसल बर्बाद हो गई. काफी फल सड़ा गला निकल रहा है और मंडी में रेट भी नहीं मिल पा रहा है. जिससे इस बार हम लोगों को लागत मूल्य भी नहीं मिल पायेगी.
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FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 19:53 IST








