बहती हैं दारू की नदियां, महिला-मर्द सभी को हर रोज चाहिए खंभा, पउवा-अद्धा की नहीं होती कोई बात!

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


यूरोप में कई ऐसे देश हैं जो अपनी बेहतरीन दारू के लिए विश्व विख्यात हैं. यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि इन देशों में दारू की नदियां बहती हैं. आप इसी से अनुमान लगा सकते हैं कि इन देशों में अपने यहां जिस तरह से धान-गेहूं की खेती की जाती है उसी तरह अंगूर के बगान लगाए जाते हैं जिससे कि एक से बढ़कर एक किस्म की दारू बनाई जा सके. आज हम एक ऐसे देश की बात कर रहे हैं वहां वाकई दारू की नदियां बहती हैं. यह मध्य यूरोप का एक खूबसूरत देश है. इसका क्षेत्रफल ठीक ठाक है. यह 78,871 वर्ग किमी में फैला हुआ है. यानी यह अपने देश के असम और झारखंड जैसे राज्यों के बराबर है, लेकिन यहां की आबादी मात्र एक करोड़ और पांच लाख है. यह एक अद्भूत देश है.

दुनिया में यह बसने और रहने की दृष्टि से एक सबसे सुरक्षित देश है. यहां की आबादी में एक बड़ी हिस्सेदारी विदेशी लोगों की है. इसे दुनिया में किलों के देश के रूप में जाना जाता है. यहां 2000 से अधिक दुर्ग-किले हैं. खेल की दुनिया में इसने अपनी अलग पहचान बनाई है. खासकर महिला टेनिस की दुनिया में यहां की लड़कियों ने दुनिया के स्तर पर नाम कमाया है.

लीटर में क्यों नहीं होती दारू की बोतल, खंभा, अद्धा और पौवा का क्या है गणित?

तमाम अच्छाइयों से भरा है ये देश
इतनी सारी अच्छाइयों वाले इस देश का नाम है चेक गणराज्य. इसके साथ एक और बात जुड़ी है. यह दुनिया में दारू पीने के मामले में भी सबसे अव्वल देश है. यहां प्रति व्यक्ति एल्कोहल की खपत दुनिया में सबसे ज्यादा है. यहां औसतन प्रति व्यक्ति सालाना 210.4 लीटर एल्कोहल की खपत करता है. सीएनबीसी डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति इतनी भारी मात्रा में एल्कोहल की खपत दुनिया के किसी भी देश में नहीं होती.

अगर आप इसे भारतीय पैमाने पर मापे तो आप पाएंगे कि यहां का हर व्यक्ति औसतन रोज दारू का एक खंभा पीता है. दरअसल, भारत में दारू की पूरी बोलत 750 एमएल की होती है. इसे खंभा कहा जाता है. इसके बाद 350 एमएल वाली बोतल को अद्धा और 180 एमएल वाली बोतल को पउवा कहा जाता है. भारत सहित दुनिया के अधिकतर देशों में यही पैमाना है. इसे पैग की साइज के हिसाब से बनाया गया है. सामान्य तौर पर एक स्मॉल पैग की साइज 30 एमएल और बिग पैग की साइज 60 एमएल होती है. इस हिसाब से देखें तो 210 लीटर में दारू के करीब 280 खंभे बनते हैं. वहीं चेक गणराज्य के लोग औसत 600 एमएल दारू रोज पीते है. यानी खंभा से थोड़ा कम. इस देश की महिलाएं भी खूब दारू पीती हैं. यहां वाइन का सेवन भी खूब किया जाता है.

Tags: Ajab Gajab

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें