
नई दिल्ली. यह डिजिटलाइजेशन का युग है. यहां जो डिजिटल नहीं है, वो पीछे छूट गया है या जल्द ही छूट जाएगा. यही वजह है कि भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इस समय खूब चलन में है. कोई भी इंसान अपनी जेब में कैश लेकर नहीं चलता, क्योंकि उसे विश्वास है कि हर जगह यूपीई के जरिए पेमेंट हो ही जाएगी. फिलहाल, लगभग 35-40 देश डिजिटल भुगतान के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अपनाने के लिए भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं. खासतौर पर दिल्ली यात्रा के दौरान UPI के व्यापक उपयोग को देखकर जापान के मंत्री चकित रह गए और वह इस भुगतान प्रणाली को अपने देश में जल्द लागू करवाने की तैयारी में हैं.
एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने News18 को बताया कि “35-40 देश” अब UPI को अपनाने पर विचार कर रहे हैं. भारत इस मुद्दे पर उनके साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है.”
जापान इस महीने की शुरुआत में पहले ही कह चुका है कि वह यूपीआई प्रणाली में शामिल होने पर विचार कर रहा है. एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने News18 को बताया कि “जापानी डिजिटल मंत्री कोना तारो हाल ही में भारत में थे और उन्होंने कुछ वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने उन्हें भारत में यूपीआई के प्रभावी उपयोग को देखने की सलाह दी थी. इसके बाद मंत्री दिल्ली की प्रसिद्ध खान मार्केट में एक कॉफी शॉप में गए और वहां सभी को ऑनलाइन भुगतान करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करते हुए देखकर चकित रह गए. जापान लौटने पर मंत्री कोना तारो ने तुरंत UPI मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई.”
दरअसल, भारत ने 2022-23 में 71,564 मिलियन यूपीआई लेनदेन का रिकॉर्ड दर्ज किया था और इस वित्तीय वर्ष में पहले ही 15,000 मिलियन यूपीआई लेनदेन को पार कर चुका है. रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल के महीने में 14,15,504 करोड़ रुपये के 8,863 मिलियन यूपीआई लेनदेन की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई.
भारतीय आगंतुकों और प्रवासियों की आसानी के लिए विदेशों में व्यापारिक स्थानों पर UPI को स्वीकार किए जाने के बाद ही इसकी संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है.
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FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 17:09 IST









