
हाइलाइट्स
आज के दिन दो शुभ योग सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग बने हैं.
आज आप निर्जला एकादशी के साथ बुधवार व्रत का भी लाभ ले सकते हैं.
आज का पंचांग 31 मई 2023: आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, व्यतिपात योग, हस्त नक्षत्र, दिशाशूल उत्तर और बुधवार दिन है. आज निर्जला एकादशी व्रत है. इस दिन दो शुभ योग सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग बने हैं. पूजा पाठ के लिए ये दोनों शुभ हैं. वेद व्यास जी ने बताया है कि जो भी व्यक्ति निर्जला एकादशी के सूर्योदय से द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक बिना जल ग्रहण किए यह व्रत रखने में सफल रहता है तो उसे पूरे वर्ष के सभी एकादशी व्रतों के पुण्य के बराबर फल प्राप्त होता है, इतना ही नहीं वो पाप मुक्त होकर स्वर्ग जाता है और मोक्ष को प्राप्त करता है. यह मात्र व्रत है, जिसे भीम ने पापों से मुक्त होकर स्वर्ग प्राप्ति के लिए रखा था. इस वजह से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं.
आज बुधवार का दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा का है. आज आप निर्जला एकादशी के साथ बुधवार व्रत का भी लाभ ले सकते हैं. व्रत रखकर गणेश जी की पूजा करें. उनको लाल पुष्प, वस्त्र, धूप, दीप, नैवेद्य, दूर्वा, मोदक, पान, सुपारी आदि अर्पित करें. गणेश चालीसा का पाठ करें और बुधवार व्रत कथा सुनें. उसके बाद गणेश जी की आरती करें. इससे आप पर गणेश जी प्रसन्न होंगे और आपको कार्यों में सफलता प्राप्त होगी. गणपति बप्पा सभी प्रकार के विघ्न और संकटों को दूर करने वाले देव हैं. उनकी कृपा से सभी प्रकार के कष्टा और दुख दूर हो जाते हैं.
बुधवार व्रत से बुध ग्रह का दोष भी दूर होता है. आज आप बुध देव की पूजा करें और उनके बीज मंत्र का जाप करें. हरा कपड़ा, हरा फल, हरी मूंग आदि का दान करें. गाय को हरा चारा दें. इससे भी बुध दोष खत्म होगा. आज के पंचांग से जानते हैं सूर्योदय, चंद्रोदय, दिशाशूल, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग, अशुभ समय आदि.
31 मई 2023 का पंचांग
आज की तिथि – ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
आज का नक्षत्र – हस्त
आज का करण – विष्टि
आज का पक्ष – शुक्ल
आज का योग – व्यतिपात
आज का वार – बुधवार
आज का दिशाशूल – उत्तर
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 05:24 बजे से सुबह 06:00 बजे तक
रवि योग: सुबह 05:24 बजे से सुबह 06:00 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:53:00 AM
सूर्यास्त – 07:20:00 PM
चन्द्रोदय – 15:28:00
चन्द्रास्त – 27:07:00
चन्द्र राशि– कन्या
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:49:48
मास अमांत – ज्येष्ठ
मास पूर्णिमांत – ज्येष्ठ
शुभ समय – कोई नहीं
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 11:51:07 से 12:46:26 तक
कुलिक– 11:51:07 से 12:46:26 तक
कंटक– 17:23:02 से 18:18:21 तक
राहु काल– 12:37 से 14:17 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 11:50:49 से 12:45:58 तक
यमघण्ट– 08:09:50 से 09:05:09 तक
यमगण्ड– 07:07:36 से 08:51:19 तक
गुलिक काल– 14:17 से 15:58 तक
भद्रा: सुबह 05:24 बजे से दोपहर 13:45 बजे तक
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Tags: Dharma Aastha, Lord ganapati
FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 06:00 IST









