
शिखा श्रेया/रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने मंगलवार को बारहवीं कॉमर्स रिजल्ट जारी कर दिया. इसके बाद एक बार फिर से लड़कियों ने सफलता के झंडे गाड़े हैं.एक बार फिर से लड़कियों ने साबित किया कि वह किसी से कम नहीं है. इस बार झारखंड की राजधानी रांची की माहविश परवीन 95.8% लाकर कॉमर्स स्ट्रीम से सेकंड स्टेट टॉपर रही. माहविश रांची के उर्सुलाइन इंटर कॉलेज की छात्रा है.
माहविश ने News18 Local से बातचीत के दौरान कहा मैं जॉइंट फैमिली के साथ रहती हूं घर में 10 लोग हैं. डिस्टर्ब तो होती थी, लेकिन फिर भी पढ़ाई का जुनून था तो कंस्ट्रेशन हो ही जाता था व इस दौरान मैंने सोशल मीडिया व पार्टी से खुद को दूर रखा था ताकि पढ़ाई डिस्टर्ब ना हो.मेहनत तो किया था, सोचा था की अच्छे परसेंट आएंगे. लेकिन सेकंड टॉपर बनूंगी ये मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है.
कंसिस्टेंसी है सफलता का मंत्र
माहविश बताती है इस दैरान मैंने कंसिस्टेंसी पर काफी ध्यान दिया.शायद ही कोई ऐसा दिन होगा जब मैंने 4 से 5 घंटे की पढ़ाई नहीं की होगी.क्योंकि जॉइंट फैमिली है तो जब मौका मिलता तब पढ़ने बैठ जाती थी. कभी रात के 10:30 बजे तो अभी शाम के 6:00 बजे.लेकिन हर हर दिन 5 घंटे की पढ़ाई जरूर करती थी.साथी मॉक टेस्ट व रिविजन पर खासा ध्यान दिया. कंही डाउट होता टीचर से खुलकर पूछती.साथ ही टीचर जो कहती उस बात पर शत प्रतिशत अमल भी किया. इस दौरान स्कूल के टीचरों का काफी सहयोग रहा.
पिता चलाते हैं फास्टफूड की दुकान
उन्होंने आगे बताया मेरे पापा ( अब्दुल राशिद) चाइनीस फास्ट फूड का दुकान लगाते हैं व मां गृहिणी है.पापा का इस दौरान बहुत सहयोग रहा. कई परेशानी आई, लेकिन उन्होंने मुझे किसी चीज की कमी नहीं होने दी. जो भी चीज मांगी सब मिला. बस यही कहते थे कि तुम्हें कुछ बड़ा करना है, तुम्हें कोई कमी नहीं होने दूंगा, बस तुम पढ़ाई पर ध्यान दो. साथी मां (मिन्नत परवीन) ने भी बहुत प्रेरित किया और कभी भी मुझे घर के काम के लिए नहीं बोला व पढ़ने का पूरा वक्त दिया.
बैंकर बनना है सपना, पेप्सी कंपनी की सीईओ है आईडल
माहविश बताती है, मुझे आगे चलकर बैंकिंग लाइन में जाना है.मैं बीकॉम करूंगी और इसके बाद बैंक की तैयारी करूंगी. अपने आइडल के सवाल पर महाविश कहती है, मेरी आइडल पेप्सी कंपनी की सीइओ इंदिरा नूयी है. उनकी सादगी मुझे बहुत भाती है. मुझे एक वाक्य याद है जो मैंने कहीं पढ़ा था कि, एक बार वह अपने घर गई और अपनी मां को बताई कि मैं सीईओ बन गई हूं. लेकिन उनकी मां ने कहा जाओ जाकर बाहर से दूध लेकर आओ. तुम बाहर सीईओ हो पर घर में मेरी बेटी हो. यह बात मुझे बहुत प्रेरणा देने का काम किया ,कि आप चाहे जितनी बड़ी भी क्यों ना बन जाओ.आप को जमीन से जुड़े हुए ही रहना चाहिए.
माहविश अन्य बच्चों को सलाह देते हुए कहती है, कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी है इसके बिना काम नहीं चलेगा. साथी लगातार रिविजन और मॉक टेस्ट देते रहे व कभी-कभी बीच में दोस्तों के साथ घूमने भी जाए.क्योंकि यह थोड़ा लंबा पीरियड होता है, इसलिए खुद को मोटिवेट रखे.
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FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 20:21 IST








