
नई दिल्ली. यूं तो अमेरिका और चीन के बीच विवाद कोई नया नहीं है. कभी ट्रेड-वार तो कभी ताइवान को लेकर यह दोनों मुल्क एक दूसरे के आमने सामने आ ही जाते हैं. इस बार तकरार की वजह एक बैलून बना है. दरअसल, विशेष बैलून के कारण दोनों मुल्कों में झगड़ा इस कदर बढ़ गया है कि चीन मुंह फुलाकर बैठा है. आलम यह है कि चीन के रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका की तरफ से किए जाने वाले रुटीन काल को उठाना भी बंद कर दिया है. आइये हम आपको दोनों देशों के बीच ताजा झगड़े के पीछे की पूरी कहाने के बारे में बताते हैं.
अमेरिका के पेंटागन की तरफ से यह जानकारी दी गई कि डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन के मुलाकात के न्योते को चीन की सरकार ने ठुकरा दिया है. यह मुलाकात चीन के डिफेंस सेक्रेटरी ली शांगफू से इसी सप्ताह सिंगापुर में होनी थी. ली शांगफू वही शख्स हैं जिनपर अमेरिका ने साल 2018 में पाबंदी लगाई थी. रूस से हथियार खरीदने के कारण उनपर यह पाबंदियां लगी थी. अब यूएस का इस विषय पर कहना है कि पाबंदियां ऐसी नहीं हैं कि वो अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी से मिल भी ना सकें. पेंटागन का कहना है कि चीन मुलाकात से बचने के बहाने ढूंढ़ रहा है. अब तक बातचीत की दर्जनों अर्जियों को चीन खारिज कर चुका है.
अमेरिकी डिफेंस अधिकारी एली रैटनर के चीन पर बयान देते हुए कहा, “हमें चीन से बातचीत करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हमें फोन कॉल, मीटिंग और बातचीत के संबंध में कोई जवाब नहीं मिल रहा है. चीन दोनों देशों के बीच होने वाली सेक्रेटरी स्तर की बातचीत में हिस्सा लेने पर भी टालमटोल कर रहा है.”
क्या है विवाद की असली वजह?
खबरों की मानें तो अमेरिका और चीन के बीच ताजा विवाद जसूसी बैलून को लेकर शुरू हुआ. इसी साल फरवरी में अमेरिका की तरफ से गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया था कि चीन उनके देश में जासूरी बैलून उड़ा रहा है. इन बैलून का मकसद अमेरिका की जासूसी करना है. बताया गया कि बैलून को फोड़ दिया गया. इसका मलबा भी चीन को वापस नहीं किया गया. जिसके चलते ड्रैगन भड़क गया. दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह से ब्लॉक हो गई. इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीन का दौरा रद्द कर दिया था. फिर दोनों देश ताइवान और यूक्रेन युद्ध मुद्दे पर भी एक दूसरे के आमने-सामने आ गए थे.
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FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 19:25 IST








