
निखिल स्वामी/बीकानेर. बीकानेर की सड़कों पर आवारा घूम रहे कुत्ते जिनका न तो खाने का ठिकाना होता है और न ही रहने का, आरती इनका सहारा बन रही हैं. उन्होंने इन बेजुबान और बेसहारा कुत्तों के लिए एक छोटा सा घर यानी शेल्टर बनाया है. जहां 30 से अधिक कुत्ते रहते है. आरती ने बताया कि उन्होंने बजरंग धोरे के सामने एक कॉलोनी में एक प्लॉट किराए पर लिया हुआ है. जहां पर कुत्तों के लिए टिन शेड लगाकर घर तैयार किया है. यहीं नहीं गर्मियों में कुत्तों के लिए कूलर भी लगाए हैं. इस शेल्टर में अंधे और अपाहिज कुत्तों को रखा गया है.
पढ़ाई करने के बाद कुत्तों की सेवा में लगी
आरती गहलोत ने बताया कि वे एमए कर चुकी हैं. उसके बाद वे कुत्तों की सेवा में लग गई. बचपन से कुत्ते बहुत प्यारे लगते थे. कई बार लोग गली मोहल्लों में कुत्तों पर ध्यान नहीं देते हैं तो वे कुत्ते भूख-प्यास या एक्सीडेंट से मर जाते हैं. आरती पिछले चार साल से कुत्तों की सेवा कर रही हैं. कुत्तों के घायल होने की सूचना मिलने पर आरती वहां स्वयं जाती हैं और कुत्तों को वहां से उठाकर हॉस्पिटल ले जाकर निःशुल्क इलाज करवाती हैं.
बेजुबान फेलफेयर के नाम से शेल्टर बनाने वाली आरती ने बताया कि घर में रहने वाले कुत्तों के लिए खाना आरती स्वयं बनाती हैं या एक व्यक्ति रखा हुआ है वह बनाता है. कुत्तों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाना बनाया जाता है. सुबह और शाम दोनों समय कुत्तों को खाना खिलाया जाता है.
आरती ने शहर के लोगों से जन सहयोग की अपील की है. वे बताती हैं कि अगर उन्हें बड़ी जमीन मिले तो बड़ी संख्या में अंधे और अपाहिज कुत्तों की सेवा हो सकेगी. आरती ने बताया कि जहां उन्होंने यह जमीन ली है वो जमीन बिक चुकी है, जिससे उन्हें यह जमीन खाली करनी पड़ेगी. इसके लिए शहर के भामाशाह कुछ सहयोग करें तो दूसरी जगह पर यह कुत्तों का घर बनाया जा सकता है.
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FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 15:25 IST








