
विशाल झा/ गाजियाबाद. यूपी के गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में एक दिन में करीब हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं. हालांकि इनमें से कई लोगों को बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ता है, क्योंकि अस्पताल में सुविधाओं का अभाव है. यही नहीं, आपातकालीन नंबर और अस्पताल कार्यलय का नंबर भी बंद है. मरीजों का आरोप है कि अपने रूम में से अक्सर सीएमएस मनोज चतुर्वेदी गायब रहते हैं. ऐसे में मरीजों के पर्चे पर अगर जरूरी हस्ताक्षर होने हों तो वो काम रह जाते हैं
सीएमएस मनोज चतुर्वेदी के कमरे के दो नंबर दिए गए हैं. पहला है कार्यलय ( 0120-4100168) और दूसरा इमरजेंसी विभाग (0120-4158168) . दुर्भाग्य है कि इनमें से किसी भी नंबर पर रिस्पांस नहीं मिलता. न्यूज़ 18 लोकल टीम ने आपातकालीन विभाग के नंबर पर भी कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हाथ सिर्फ निराशा लगी.
फेल हुआ टोकन सिस्टम
एमएमजी अस्पताल में मरीजों की भीड़ देखते हुए टोकन सिस्टम की व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन वो भी फेल हो गई. ये व्यवस्था इसलिए शुरू की गई थी, ताकि ओपीडी के लिए पर्चे तेजी से बनें और मरीज को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े. हालांकि अब भी मरीज लंबी लाइन लगाकर अपना पर्चा बनने का इंतजार कर रहे हैं.
ये बोले सीएमएस मनोज चतुर्वेदी
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि वो नंबर ऑपरेशनल है और उन पर कॉल उठाया जाता है. कभी कभी काम में व्यस्त होने के कारण अटेंडेंट कॉल नहीं उठा पाता होगा. अगर ऐसी कोई लगातार शिकायत मिली तो हम एक्शन लेंगे और मरीजों को परेशान नहीं होने देंगे. टोकन व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि अभी पूरी तरीके से इसको अमल में लाना संभव नहीं हो पा रहा है.
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Tags: Ghaziabad News, Health News, UP government hospital
FIRST PUBLISHED : May 29, 2023, 11:11 IST








