
अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊः आपको सुनकर हैरानी होगी, लेकिन यह हकीकत है कि लखनऊ की धड़कन हजरतगंज में ‘ग्रीस’ देश बसा हुआ है. इसे हाउस ऑफ नो शुगर यानी होंस कैफे ने बसाया है. इस कैफे को जो रूप दिया गया है वो पूरा ग्रीस देश का है. इस अनोखे कैफे को देखने के लिए दूरदराज से लोग आ रहे हैं. यह कैफे लखनऊ वालों का भी पसंदीदा कैफे बन गया है. इसमें तमाम सेल्फी प्वाइंट हैं. युवाओं का तो खास तौर पर यह अड्डा बन गया है. जबकि यहां का खाना भी लाजवाब है.
इस कैफे के इंचार्ज वरदान केसरवानी ने बताया कि इस जगह पर पहले एक प्रिंटिंग प्रेस हुआ करती थी. यह इमारत अंग्रेजों के जमाने की है. जब यहां पर कैफे खोलने के बारे में सोचा गया तो इस बिल्डिंग का पुराना रूप रहने दिया गया. उसी इमारत को ग्रीस देश का एक लुक दे दिया गया है, जो लोगों को लुभा रहा है. यही वजह है कि लोग यहां पर आ रहे हैं. सिर्फ डेढ़ महीने में इस कैफे में रोजाना हजारों की तादाद में ग्राहक आ रहे हैं.
नो शुगर है खासियत
वरदान केसरवानी ने बताया कि इस पूरे कैफे की खासियत यह है कि यहां पर आप जो भी मीठा खाना चाहें, खा सकते हैं. दरअसल किसी में भी शुगर नहीं है. सब कुछ यहां पर शुगर फ्री है. इसी वजह से डायबिटीज के मरीज भी खूब आ रहे हैं.
पूरी दुनिया का खाना एक ही कैफे में
केसरवानी ने बताया कि इस कैफे में इटालियन, मैक्सिकन, चाइनीज, इंडियन और साउथ इंडियन के साथ ही ग्रीस की खास डिश को भी रखा गया है. कह सकते हैं कि पूरी दुनिया का खाना एक ही कैफे में परोसा जा रहा है. कीमत भी बेहद कम है.
यहां आकर दिल खुश हो गया-ग्राहक
ग्राहक आयुषी मिश्रा और मृदुल त्रिवेदी ने बताया कि जो रूप इस अनोखे कैफे को दिया गया है ऐसा लखनऊ में कहीं पर भी नहीं है. यहां आकर दिल खुश हो गया. खाना भी बहुत ही लजीज है. जबकि हिमानी मिश्रा ने बताया कि यह कैफे अनोखा है. इसकी खूबसूरती ऐसी है कि यहां से जाने का मन ही नहीं करता है. वहीं, ग्राहक अजय राठौर ने बताया कि ऐसा कैफे कहीं नहीं देखा. यह अद्भुत है. जबकि यहां का खाना और पीना दोनों ही बहुत पसंद आया.
ऐसे पहुंचे यहां
होंस कैफे नवल किशोर रोड हजरतगंज पर स्थित है. हजरतगंज की मशहूर बाजपेयी कचौड़ी और राम आसरे के बेहद करीब यह कैफे है. दिन में 12:00 बजे से रात 11:30 बजे तक यह खुलता है.
.
FIRST PUBLISHED : May 29, 2023, 09:28 IST








