
हाइलाइट्स
विशेषज्ञ राजस्थान के मुकुंदपुरा में चीतों को बसाने के लिए कह रहे हैं.
मध्यप्रदेश सरकार चीतों को सिर्फ राजस्थान की बजाय एमपी में ही रखना चाहती है.
भोपाल. महज 9 महीने में 6 चीतों की मौत के बाद मध्यप्रदेश सरकार अचानक सक्रिय हो गई. शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में प्रदेश में चीतों के बसाने संबंधी गतिविधियों की समीक्षा हुई. यह तय किया गया कि चीतों को कूनो नेशनल पार्क के अलावा नौरादेही और गांधीसागर अभ्यारण्य में भी बसाया जाए.
मुख्यमंत्री को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने चीतों को बसाने, उनको क्वॉरेंटाइन रखने की अवधि और उनकी देख-रेख से जुड़े विभिन्न पहलु पर जानकारी दी गई. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) द्वारा कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की वर्तमान स्थिति और चीता शावकों की मृत्यु के कारणों की जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि 23 मई को चीता शावकों की हुई मृत्यु के संभावित कारण पोषण में कमी तथा अत्यंत गर्मी का मौसम है. चौथे शावक को रेस्क्यू कर वन्य-प्राणी चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है. शावक के स्वास्थ्य में सुधार दिख रहा है. मृत शावकों का वजन बेहद ही कम 1.6 किलो. था, जबकि मानकों के अनुसार इस आयु के शावकों का वजन लगभग 3 किलो होना चाहिए. उन्होंने बताया कि कुल छह चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया है, जिनकी दिन-रात मॉनिटरिंग की जा रही है. आगामी दिनों में 3 और चीतों को खुले जंगल में छोड़े जाने की योजना है.
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राजस्थान में चीतों को इसलिए शिफ्ट नहीं करना चाहता एमपी
चीतों की लगातार हो रही मौत और उनके लिए कूनो में जगह कम होने की बात कहकर विशेषज्ञ राजस्थान के मुकुंदपुरा में भी इन्हें शिफ्ट करने के लिए कह रहे हैं. इसके बाद भी मध्यप्रदेश की तैयारी इससे अलग है. मध्यप्रदेश सरकार चाहती है कि चीते मध्यप्रदेश में ही रहे. जैसे कि गुजरात के गिर में शेर. यदि यह राजस्थान चले गए तो टूरिज्म में फायदा कम मिलेगा. यही वजह है कि गांधीसागर और नौरादेही में तैयारी की जा रही है.
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गांधीसागर में तैयारी शुरू, नवंबर में शिफ्टिंग संभव
वन विभाग के अफसरों ने बताया कि गांधीसागर अभयारण्य में भी आवश्यक तैयारी प्रारंभ हो चुकी हैं, जो नवम्बर तक पूरी होने की संभावना है. इसी तरह नौरादेही अभयारण्य में भी तैयारी शुरू की जानी है. बैठक में निर्देश दिए गए कि नौरादेही तथा गांधीसागर अभयारण्य में इन तैयारियों के लिए टाइम लाइन निर्धारित कर इसे नवगठित प्रोजेक्ट चीता स्टीयरिंग कमेटी से मंजूरी ली जाए.
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Tags: Asiatic Cheetah, Madhya Pradesh News Updates, MP News Today, एशियाई चीता
FIRST PUBLISHED : May 26, 2023, 22:34 IST








