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उसकी बात सुनने के बाद पंडित शास्त्री ने महिला का मंच पर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं है. न ही धर्मांतरण करवाते हैं. इसके बाद उन्होंने अपने प्रबंधन से कहा कि कथा के बाद महिला से मुलाकात कराएं. बता दें, पंडित धीरेंद्र का यह दरबार बालाघाट के परसवाड़ा स्थित ग्राम भादुकोटा में लगा था.
Author: Up Head Line
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