Bhind News: सालों पहले बनी कृषि मंडी आज भी नहीं हुई शुरू, ये है वजह

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अरविंद शर्मा/भिंड . जिले के फूफ कस्बे में बनी कृषि मंडी सालों से बंद पड़ी है. मंडी का निर्माण हुए आज 31 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी कृषि मंडी शुरू नहीं हो सका है. फूफ मंडी पर किसान की जगह असमाजिक तत्वों ने अड्डा बना लिया है. इस मंडी से आसपास के करीब 40 गांव लगते हैं, जिन्हें अपनी फसल बेचने के लिए मजबूरी में भिंड जाना पड़ता है. भिंड इटावा नेशनल हाइवे 92 किनारे फूफ कस्बे में करीबन 30 साल पहले किसानों की सुविधा के लिए कृषि उपज मंडी का निर्माण 25 लाख की लागत से कराया गया था.

दो बार उद्घाटन के बाद भी व्यापारी यहां नहीं आए. वर्तमान में क्षेत्र के करीबन 40 गांव के किसान अपना अनाज बेचने के लिए भिंड जाने को मजबूर हैं. किसानों ने कई बार फूफ में गल्लामंडी संचालित करने की मांग की, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते मंडी संचालित नहीं हो पाई है.

डकैतों के आतंक से डरे व्यापारी
फूफ कस्बा में कृषि मंडी शुरू होने के बाद यहां व्यापारी एक भी खरीदी करने नहीं पहुंचे, जिससे उपमंडी एक भी दिन संचालित नहीं हुई. कहा जाता है कि जब इसका निर्माण हुआ तो उस समय फूफ कस्बा चंबल बीहड़ो के नजदीक होने की वजह से यहां डकैतों का काफी आतंक रहता था. इससे व्यापारियों को लूट और डकैती का डर लगा रहता था. कोई व्यापारी यहां आने को तैयार नहीं हुआ. इसी वजह से लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई मंडी आज भी बंद है.

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क्या कहते हैं मंडी सचिव
फूफ कस्बे में सालों से बंद मंडी होने के बारे में जब मंडी सचिव राकेश यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि उनके द्वारा हाल ही में कई बार प्रयास किए गए, लेकिन व्यापारी आज भी यहां आने को तैयार नहीं हैं, जिस वजह से मंडी बंद पड़ी है.

डकैतों  का डर
इनके प्रयास भी हुए फेल दरअसल, आपको बता दें कि साल 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह फूफ कस्बे की कृषि उपज मंडी का उद्घाटन कर गए, लेकिन डकैतों के डर से यहां व्यापारी आने को तैयार नहीं हुए. एक बार फिर सत्यदेव कटारे ने मंडी का उदघाटन किया, लेकिन मंडी शुरू नहीं कराई जा सकी. वीरान पड़ी उपज मंडी खण्डर में तब्दील होने लगी. कई वर्षों बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि हम इसे शुरू कराएंगे, लेकिन उनकी यह घोषणा भी बेअसर साबित हुई और यह मंडी आज भी शुरू नहीं हो सकी है.

Tags: Bhind news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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