
कृष्ण कुमार/ नागौर. आपने राजस्थान में कई ऐसे मंदिर देखे होंगे जो अपनी स्थापत्य कला या मंदिर की दीवारों पर की गई चित्रकारी के लिए जाने जाते होंगे. आज नागौर के एक विशेष मंदिर के बारे में रूबरू करवाने जा रहे है. जिसे मार्बल का मंदिर भी कहा जाता है. साथ ही इसकी चित्रकारी ऐसी है कि देखने वाला हर कोई हैरान रह जाए.
दरअसल यह मंदिर श्री 1008 श्री आदिनाथ भगवान का बना हुआ है.नागौर में इस मंदिर का निर्माण 80 वर्ष पूर्व करवाया गया. उस समय इस मंदिर के निर्माण में शुद्ध मार्बल का प्रयोग किया गया. मार्बल की चमक के कारण इस मंदिर को मार्बल मंदिर के रुप में पहचाना जाता है. इस मंदिर में बनी प्रतिमा सभी प्रतिमा मार्बल की बनी हुई तथा एक प्रतिमा केवल श्याम वर्ण (रंग) की बनी हुई है.
मंदिर की चित्रकारी है प्रसिद्ध
महेन्द्र ने बताया कि इस मंदिर में जितनी भी चित्रकारी मार्बल पर की गई है. यह सब उस समय की है. इस मंदिर में चित्रकारी की बाते करे तो स्तंभों पर फूल पत्तों की चित्र, पक्षियों के चित्र, ऊंट हाथी व अन्य कई जानवारों का चित्रण किया गया है. इस मंदिर में भगवान कि मूर्तियों पर बने गुम्बद, मंदिर और उन पर बने बेल-पत्तियों के चित्रों पर सोने से लेप किया गया है. सोने का प्रयोग केवल मार्बल पर बनाई चित्रकारी में किया गया है.
कांच से की गई है नक्काशी
इस मार्बल मंदिर की छतों पर कांच से चित्रकारी की हुई है. कांच से बने हुए चित्र देखकर हर कोई दंग रह जाता है. कांच की चित्रकारी कुछ समय पहले ही की गई है. लेकिन मार्बल पर की गई चित्रकारी व कांच से की गई चित्रकारी मंदिर की सुंदरता के चार चांद लगा देते है. यह मंदिर भगवान आदिनाथ के साथ-साथ अपनी चित्रकारी के लिए भी प्रसिद्ध है.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 15:47 IST








