
विशाल झा/गाजियाबाद : बाल सुधार गृह यानी वो जगह जहां ऐसे बच्चों को रखा जाता है जिनसे भूलवश में या विपरीत परिस्थितियों में फंसकर कोई गुनाह हो गया हो. ऐसे सेंटर के बारे में अब तक यही बात सामने आती थीं कि यहां पर बच्चों का जीवन नर्क बन जाता है. ना समय पर खाना, ना सुख-सुविधा और ना अपने पन का एहसास. हालांकि इन सभी सोच को गाजियाबाद में स्थित किशोरी सुधार गृह झूठ साबित करता है.
फिलहाल गाजियाबाद के किशोरी सुधार गृह में 17 नाबालिग बच्चियां रह रही हैं. जिनकी उम्र 8 वर्ष से लेकर 18 साल के बीच है. अपराध करने वाली किशोरियों को जीवन में कुछ बेहतर करने का मौका दिया जा रहा है.
बिलकुल घर जैसी सुविधा
उत्तर प्रदेश में केवल दो ही राज्य संप्रेक्षण गृह (किशोरी ) हैं. एक बाराबंकी और दूसरा गाजियाबाद. जबकि गाजियाबाद स्थित किशोरी सुधार गृह में बेटियों का ख्याल बिलकुल घर जैसा रखा जा रहा है. सोने के लिए साफ सुथरे बिस्तर, गर्मी से बचने के लिए एसी, पढ़ने के लिए क्लासरूम और पूजा करने के लिए मंदिर आदि भी है. यहां बेटियों को हर दिन स्वादिष्ट आहार दिया जाता है. कई बार खास मौकों पर मीठा भी बनाया जाता है. यहां बेटियां अच्छी दैनिक दिनचर्या को मानती हैं. जिनमें योगा करना, सुबह उठना, स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए सिलाई-कढ़ाई आदि सीखना भी है. किशोरी बेटियां के मनोरंजन के लिए टीवी भी है. कई बार ये बेटियां कहने लगती हैं कि हमें अपने घर नहीं जाना, यही रहना है.
मां की तरह देनी पड़ती है सीख
किशोरी गृह की प्रभारी अनुदीता सिंह ने बताया कि इन बच्चियों के जीवन में पूर्व में कुछ ऐसा हुआ है जिन्हें ये याद नहीं करना चाहती हैं. हम समय-समय पर काउंसलिंग करके इनके मन का डर खत्म करते हैं. इसके बाद सभी को अच्छे लाइफस्टाइल का पालन करना सिखाया जाता है. बच्चों को पढ़ाया जाता है और उनकी हर जरूरत और समस्या को काफी गंभीरता से लिया जाता है. साथ ही बच्चों को पढ़ाने वाली शिक्षक भी उन्हें खेल-खेल के माध्यम से पढ़ना सिखाती हैं, ताकि वो पढ़ने वक्त खुद को एक्टिव रखें और सभी पढ़ा हुआ उन्हें याद रहें.
सुधार गृह की केस स्टडी
केस 1: सुधार गृह में एक 14 वर्षीय किशोरी सिलाई-कढ़ाई सीख रही है और पढ़ाई भी कर रही है, लेकिन उस किशोरी की यहां आने की वजह काफी डरा देने वाली है. दरअसल किशोरी को इंस्टाग्राम के माध्यम से महाराष्ट्र के लड़के से प्यार हुआ. इसके बाद वह किशोरी के घर आया और दोनों साथ भागने लगे. पिता के द्वारा विरोध करने पर पिता की हत्या कर दी गई.आज किशोरी जिंदगी में बेहतर करने की तरफ कदम बढ़ा रही है.
केस 2: एक किशोरी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर एक ऐसी वृद्ध महिला की हत्या कर दी जिसके घर वो काम करती थी. इसके बाद किशोरी अपने बॉयफ्रेंड के साथ फरार हो गई, लेकिन पुलिस के द्वारा पकड़ी गई. सेंटर में रहते वक्त किशोरी ने बहुत अच्छे ढंग से सिलाई-कढ़ाई सीख ली और आज अपना खुद का बुटीक चला रही है.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 12:21 IST








