
धीरेंद्र शुक्ला/चित्रकूट. बुंदेलखंड के चित्रकूट धाम में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. पीने को पानी नहीं और उसपर आग बरसता तापमान बुंदेलों की जान लेने पर उतारू हो गया है. चित्रकूट में पारा 47 डिग्री पार कर गया, इससे पिछले सात साल का रिकार्ड टूट गया है. कई सालों से यहां के लोग सूखे और अकाल की स्थिति से जूझ रहे हैं. वहीं, अब इस भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी से लोगों को आने-जाने में बेहद कठिनाई हो रही है, वहीं शहर में भी दोपहर होते ही बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है. बेहद जरूरी काम के लिए ही शहरी खुद को ठंडे पेय और गमछे को ढाल बनाकर निकल रहे हैं.
सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा
चित्रकूट धाम के सुनील का कहना है कि तपमान इतना अधिक है कि जीना दुर्लभ रहता है. इसलिए हम लोग सुबह 9:00 बजे से ही घरों में कैद हो जाते हैं. फिर शाम होते ही निकलते हैं. वहीं व्यापार करने वाले मुनीर बताते हैं कि बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है. लोग घर से निकलने को तरस रहे हैं. राहगीर और स्थानीय लोग गर्मी से बचने के लिए तरह तरह के नुक्से अपना रहे हैं, लेकिन कैसे भी राहत मिलती नहीं दिख रही है. लोग भीषण गर्मी में झुलसने को मजबूर है, इसलिए दोपहर में बाजार भी बंद रखते हैं.
डॉक्टर ने बताए गर्मी से बचाव के टिप्स
डॉ. विनीत सचान बताते हैं कि इस बार तापमान ने 7 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. चित्रकूट धाम में 5 दिनों से तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है. ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं. लोगों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. डॉक्टरों के मुताबिक, लोगों को अधिक से अधिक समय घरों में बिताना चाहिए. गमछा लेकर घर से निकलना चाहिए, बिना काम के घर से नहीं निकलना चाहिए. इस गर्मी से जितना बचाव करेंगे, उतना ही सेहत के लिए लाभकारी होगा.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 11:23 IST








