कौशांबी
चायल के पूर्व विधायक संजय गुप्ता के खिलाफ भूमि पर कब्जा करने की हुई शिकायत की बुधवार को जांच हुई। तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर पैमाइश की। इस दौरान लगभग आठ बिस्वा भूमि पर मुक्त कराई गई। काश्तकारों को तत्काल उनकी भूमि पर कब्जा भी दिला दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भूमि पर पूर्व विधायक का कब्जा था, वहीं पूर्व विधायक का कहना है कि पैमाइश के बाद उन्हें उनकी वह भूमि मिल गई, जिस पर कब्जा था। हालांकि अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता के खिलाफ शिवपूजन विश्वकर्मा ने कॉलेज के नाम पर भूमि कब्जा करने की शिकायत की थी। शिकायत को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया। शासन ने पैमाइश कराने का निर्देश जारी किया था। बुधवार को चायल तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सरायअकिल क्षेत्र के कानूनगो मोबिन अहमद के नेतृत्व में राजस्व कर्मियों ने भूमि की पैमाइश की। जांच के दौरान विवादित स्थल पर आठ बिस्वा भूमि पर कब्जा मिला। इसे राजस्व कर्मियों ने तत्काल खाली करवाया। साथ ही पीड़ित पक्ष से कहा कि जितनी भूमि खाली हुई है, वह उस पर अपना कब्जा ले सकते हैं। इसका बाकायदा चिह्नांकन भी कराया गया है।
*कब्जे की शिकायत झूठी निकली: संजय*
पूर्व विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि पैमाइश किसी की शिकायत के आधार पर नहीं हुई है बल्कि धारा-24 की कार्रवाई के लिए खुद उन्होंने ही आवेदन किया था। इसके तहत बुधवार को तहसील की टीम ने मौके पर जाकर पैमाइश की। पूर्व विधायक का कहना है कि भूमि पर कब्जा करने का आरोप झूठा निकला है। किसी की भूमि पर कोई कब्जा नहीं था। इस पैमाइश से उनकी भूमि चिह्नित हो गई और वह अपनी भूमि पर काबिज भी हो गए हैं।








